गंदा पानी पीने को मजबूर छात्र-छात्राएं, छात्राओं के लिए शौचालय तक नहीं!
पचोखर के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल, शिकायत मिलते ही एसडीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

बबुरी
विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अगर स्वच्छ पेयजल और छात्राओं को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अधिकारियों के आवास का दरवाजा खटखटाना पड़े तो विद्यालय की व्यवस्थाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचोखर में गंदे पानी की समस्या और छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से परेशान करीब 50 छात्र-छात्राएं शुक्रवार को उपजिलाधिकारी पंडित दीनदयाल नगर के आवास पहुंच गए। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने गंभीरता दिखाते हुए विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
पेयजल को लेकर परेशानीछात्र-छात्राओं ने एसडीएम को बताया कि विद्यालय में मौजूद बोरिंग से गंदा पानी आ रहा है। यह पानी पीने योग्य नहीं है, जिसके चलते विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय में पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था होना जरूरी है, लेकिन समस्या के समाधान के अभाव में विद्यार्थियों को शिकायत लेकर एसडीएम आवास पहुंचना पड़ा।छात्राओं ने अपनी अलग समस्या भी एसडीएम के सामने रखी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में उनके लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इससे उन्हें विद्यालय में पढ़ाई के दौरान असुविधा होती है। छात्राओं की इस समस्या ने विद्यालय में छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायत पर तत्काल हरकत में आया प्रशासनविद्यार्थियों की शिकायत सुनने के बाद उपजिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया और स्वयं विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ ही उन्होंने खंड विकास अधिकारी नियामताबाद को तत्काल स्वच्छ जल की व्यवस्था के लिए नई बोरिंग कराने का निर्देश दिया। एसडीएम के निर्देश से विद्यार्थियों को पेयजल की समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।इसके साथ ही विद्यालय निरीक्षक को भी विद्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए निर्देशित किया गया। हालांकि, छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जलभराव से भी परेशान विद्यालय प्रबंधन ने निरीक्षण के दौरान एसडीएम के सामने एक और समस्या रखी। प्रबंधन के अनुसार सड़क निर्माण के कारण विद्यालय का मैदान सड़क के मुकाबले काफी नीचे हो गया है। बारिश होने पर मैदान में पानी जमा हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों और विद्यालय की गतिविधियों को परेशानी होती है। प्रबंधन ने मैदान को मिट्टी से भरवाने की व्यवस्था कराने की मांग की।इस पर एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने आश्वासन दिया कि पानी सूख जाने के बाद मैदान को भरवाने का कार्य भी कराया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन के निर्देश के बाद विद्यालय में स्वच्छ पेयजल, छात्राओं के लिए शौचालय और मैदान की समस्या का समाधान कितनी जल्दी होता है।
बुनियादी सुविधाओं के लिए आवास तक पहुंचने को मजबूर विद्यार्थी

पचोखर विद्यालय की घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि जब विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है, तो छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याएं लेकर एसडीएम आवास तक क्यों पहुंचना पड़ा? स्वच्छ पेयजल और छात्राओं के लिए शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए विद्यार्थियों को शिकायत करने की नौबत नहीं आनी चाहिए। अब प्रशासन के निर्देशों के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार और लंबित समस्याओं के समाधान पर सभी की नजर रहेगी।
