वाराणसी । आज श्री हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज वाराणसी का माहौल रोज़मर्रा की क्लासों से थोड़ा अलग था। मौका था शासन की ‘छात्र संवाद’ पहल का, जहाँ औपचारिकता की दीवारें टूटीं और दिल से दिल की बात हुई। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे हमारे ज़िला विकास अधिकारी (DDO) विजय कुमार जायसवाल जी, जिन्होंने कक्षा 9वीं से 12वीं के बच्चों के साथ बिल्कुल अपनों की तरह वक्त बिताया।
यह कोई एकतरफ़ा भाषण वाला आयोजन नहीं था। बातचीत का रुख सीधा बच्चों की ज़िंदगी, उनकी उलझनों और उनकी उम्मीदों पर था। जायसवाल जी ने विद्यार्थियों से पूछा कि वे ज़िंदगी से क्या चाहते हैं, फिर बात करियर के चुनाव, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सही समय पर लक्ष्य तय करने पर मुड़ गई। उन्होंने सिर्फ़ किताबी पढ़ाई की बात नहीं की, बल्कि यह भी समझाया कि एक ज़िम्मेदार नागरिक बनकर समाज को वापस कैसे लौटाया जाए।
बच्चों का जोश देखने लायक था। शुरू की हल्की हिचक के बाद सवाल-जवाब का सिलसिला ऐसा चला कि हॉल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। किसी ने करियर को लेकर अपना डर साझा किया, तो किसी ने अपने बड़े सपने। श्री जायसवाल ने अपने निजी अनुभवों से समझाते हुए बच्चों के मन में यह भरोसा जगाया कि पृष्ठभूमि चाहे जैसी भी हो, अगर इरादे पक्के और मेहनत लगातार हो, तो कोई भी मुकाम दूर नहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने श्री जायसवाल का आत्मीय स्वागत किया। इस पूरे संवाद के दौरान विद्यालय के शिक्षक गण भी मौजूद रहे और बच्चों का उत्साह बढ़ाते दिखे। कहा जाता है कि सही उम्र में मन में बोया गया प्रेरणा का एक छोटा सा बीज पूरे जीवन का रुख बदल सकता है। आज की यह मुलाकात यकीनन हमारे विद्यार्थियों के मन में ऐसा ही गहरा असर छोड़ गई है।
