स्थानीय एमएसएमई को एनटीपीसी की खरीद प्रक्रिया एवं व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने पर विशेष जोर
सोनभद्र। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई-विकास कार्यालय, वाराणसी एवं एनटीपीसी सिंगरौली के संयुक्त तत्वावधान में कर्मचारी विकास केंद्र, एनटीपीसी सिंगरौली में 2 एवं 3 सितम्बर 2026 को दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम (वीडीपी) एवं इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन 2026-27 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को एनटीपीसी सहित सार्वजनिक क्षेत्र की खरीद प्रक्रिया, उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन ई. प्रभाकर राव, परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को एनटीपीसी की खरीद प्रक्रिया में अधिकाधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्थानीय उद्यमों का विकास न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था एवं रोजगार सृजन को गति देता है, बल्कि आत्मनिर्भर एवं सुदृढ़ आपूर्ति शृंखला के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने उद्यमियों से गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता, समयबद्ध आपूर्ति एवं पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए एनटीपीसी में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
उद्घाटन सत्र में राजेश कुमार चौधरी, सहायक निदेशक ने स्वागत एवं परिचयात्मक संबोधन दिया। एल.बी.एस. यादव, निदेशक, एमएसएमई-डीएफओ, प्रयागराज ने मुख्य वक्तव्य देते हुए एमएसएमई क्षेत्र के विकास, सरकारी खरीद में उसकी बढ़ती भूमिका तथा केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं एवं योजनाओं की जानकारी दी। मुरलीधर महतो, ब्रांच मैनेजर-इन-चार्ज, ईसीजीसी लिमिटेड, वाराणसी ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। इस अवसर पर अंजन कुमार पाल, महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं फ्यूल मैनेजमेंट) तथा सौमित्र घोष, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं ऐश मैनेजमेंट), अवनीश कुमार सिंह, महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं), सिद्धार्थ मंडल, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), श्रीमती मीनाक्षी बाला वर्मा, अपर महाप्रबंधक (संविदा एवं सामग्री), एनटीपीसी विंध्याचल, सुशोवन दास, अपर महाप्रबंधक (सतर्कता) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयोजन के वामसी मोहन, अपर महाप्रबंधक (सी एंड एम) एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। तकनीकी सत्रों में उद्यमियों को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकरण, सरकारी खरीद प्रक्रिया एवं उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (ट्रेड्स) के माध्यम से एमएसएमई की व्यापारिक प्राप्तियों के त्वरित वित्तपोषण एवं भुगतान व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुशोवन दास, अपर महाप्रबंधक (सतर्कता) ने एनटीपीसी की खरीद प्रक्रिया, वेंडर पंजीकरण, निविदाओं में भागीदारी तथा स्थानीय एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों की जानकारी साझा की। तकनीकी सत्रों में एनएसआईसी की विभिन्न योजनाओं एवं सरकारी खरीद में उसकी भूमिका के साथ-साथ नेशनल एससी-एसटी हब के माध्यम से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को उपलब्ध सहायता और सरकारी खरीद में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। संवादात्मक सत्र में प्रतिभागी उद्यमियों की खरीद एवं निविदा प्रक्रिया से संबंधित शंकाओं और प्रश्नों का समाधान किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी फॉर एमएसई के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों एवं केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की वार्षिक खरीद में एमएसई से खरीद का 25 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के स्वामित्व वाली एमएसई के लिए 4 प्रतिशत तथा महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाली एमएसई के लिए 3 प्रतिशत का उप-लक्ष्य शामिल है।
दो दिवसीय आयोजन में 20 वेंडरों सहित लगभग 200 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। औद्योगिक प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों एवं क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ एनटीपीसी एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। यह आयोजन स्थानीय एमएसएमई को प्रोत्साहित करने, सार्वजनिक खरीद में उनकी भागीदारी बढ़ाने तथा स्थानीय उद्यमिता, रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को सुदृढ़ करने की दिशा में एनटीपीसी सिंगरौली की एक महत्वपूर्ण पहल रही।
