सीमित स्टाफ और अपर्याप्त काउंटर से बढ़ रही परेशानी, ऑनलाइन पंजीकरण, टोकन सिस्टम और अतिरिक्त काउंटर की मांग
नई दिल्ली: बाबू जगजीवन राम अस्पताल में ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए मरीजों एवं उनके तीमारदारों को घंटों लंबी कतार में खड़े रहने की समस्या को लेकर एवीके संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश कुमार सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजी है। ई-मेल में अस्पताल की पर्ची व्यवस्था में तत्काल सुधार किए जाने तथा मरीजों को अनावश्यक लंबी कतार से राहत दिलाने की मांग की गई है।
उमेश कुमार सिंह ने अपने ई-मेल में अस्पताल की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इलाज के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को लंबे समय तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। बीमारी और कमजोरी की स्थिति में बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों और गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से परेशान करने वाली है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के पर्ची काउंटरों पर पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण एक ओर सीमित संख्या में कर्मचारी काम करते दिखाई देते हैं, जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में मरीज अपनी बारी के इंतजार में कतार में खड़े रहते हैं किसी भी काउटर पर देखने को मिलता है कि स्टाप ही चलता है, तो बाकी लोग तो लाइन में ही लगे रहते है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को मरीजों की संख्या और वास्तविक जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती तथा काउंटरों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है।
ई-मेल के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि बाबू जगजीवन राम अस्पताल की पर्ची व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कराई जाए। अतिरिक्त पर्ची काउंटर, पर्याप्त स्टाफ, टोकन व्यवस्था और प्रभावी ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाए, ताकि मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े।
मीडिया और डिजिटल पत्रकारों के लिए भी सुविधा की मांग
उमेश कुमार सिंह ने अपने ई-मेल में मीडिया से जुड़े लोगों की स्वास्थ्य सुविधा का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि आज के दौर में न्यूज़ सर्विस, ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब के माध्यम से पत्रकारिता एवं जनहित की खबरों को सामने लाने वाले मीडिया कर्मियों के लिए सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा या पंजीकरण के संबंध में कोई निर्धारित व्यवस्था है या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई व्यवस्था वर्तमान में उपलब्ध नहीं है, तो सरकार को डिजिटल एवं ऑनलाइन मीडिया से जुड़े पत्रकारों की जरूरतों पर भी विचार करना चाहिए। जनहित की खबरों को सामने लाने वाले पत्रकारों को भी बीमारी की स्थिति में उचित स्वास्थ्य सुविधा और मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया से जुड़े लोगों के लिए किसी भी व्यवस्था को पारदर्शी नियमों के आधार पर लागू किया जाना चाहिए, ताकि आम मरीजों के इलाज और उनके अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
उमेश कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री को भेजे गए ई-मेल का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति या अस्पताल प्रशासन को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि मरीजों को हो रही वास्तविक परेशानी की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना और स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुगम एवं मरीज-केंद्रित बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली सरकार इस शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग एवं बाबू जगजीवन राम अस्पताल प्रशासन को आवश्यक निर्देश देंगे तथा पर्ची बनवाने के लिए लगने वाली लंबी कतार की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
