चन्दौली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने चूरमूली गांव का धरातलीय निरीक्षण किया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर डीएम ने खुद जलभराव और राहत कार्यों की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहने और राहत सामग्री के त्वरित वितरण के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी गर्ग ने बाढ़ के पानी से घिरे चूरमूली गांव का दौरा किया और सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन संकट की इस घड़ी में पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है और उन्हें किसी भी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी। भोजन, राशन किट, शुद्ध पेयजल और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को हिदायत दी।
डीएम ने मौके पर मौजूद तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपाल को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का पारदर्शी और त्वरित आकलन किया जाए। फसल, मकान और पशुधन की क्षति का सटीक सर्वे कर रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत की जाए ताकि प्रभावितों को समय से आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा सके। उन्होंने लेखपालों को क्षेत्र में ही कैंप करने और ग्रामीणों से निरंतर संपर्क बनाए रखने का आदेश दिया।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है, इसलिए नियमित ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, क्लोरीन की गोलियों का वितरण और पशुओं के टीकाकरण में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान राजस्व टीम समेत कई प्रमुख जिलास्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
