कोटेदारों के सम्बोधन का चल रहा था लाइव प्रसारण फिर भी काट दी बिजली
दुद्धी (सोनभद्र)। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं और महत्वपूर्ण घोषणाओं के प्रचार-प्रसार को लेकर स्थानीय प्रशासन चाहे जितने दावे करे, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही इन दावों की हवा निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। ऐसा ही एक ताजा मामला दुद्धी तहसील मुख्यालय स्थित सभागार से सोमवार को सामने आया है, जहां पहले से घोषित और निर्धारित कार्यक्रम के दौरान भी विभाग ने अघोषित बिजली कटौती कर दी। इसके चलते कोटेदारों के बीच चल रहा मुख्यमंत्री का लाइव संबोधन बीच में ही बाधित हो गया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद कोटेदारों और अधिकारियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के राशन कोटेदारों (उचित दर विक्रेताओं) के लाभांश में की गई ऐतिहासिक वृद्धि और अन्नपूर्णा भवनों के संबंध में एक विशेष लाइव संबोधन कार्यक्रम आयोजित था। इसी क्रम में सोमवार को दुद्धी तहसील सभागार में स्थानीय प्रशासन द्वारा क्षेत्र के समस्त कोटेदारों की एक आवश्यक बैठक बुलाई गई थी, ताकि वे मुख्यमंत्री के इस संबोधन को सीधे सुन सकें। सभागार में बड़ी संख्या में राशन डीलर और संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे। सभी ध्यानपूर्वक मुख्यमंत्री का वक्तव्य सुन रहे थे कि तभी अचानक अघोषित बिजली कटौती हो गई।लगभग एक घंटे के कार्यक्रम के दौरान करीब तीन बार बिजली कटी । बिजली कटते ही सभागार में लगी बड़ी स्क्रीन बंद हो गई और सीधा प्रसारण पूरी तरह रुक गया।
इस अव्यवस्था को लेकर कार्यक्रम में आए राशन डीलरों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की । उनका कहना है कि जब सरकार और जिला प्रशासन को पहले से पता था कि आज तहसील मुख्यालय पर मुख्यमंत्री का बेहद महत्वपूर्ण लाइव कार्यक्रम होना सुनिश्चित है, तो इसके बावजूद बिजली विभाग ने कटौती क्यों की? इस अघोषित कटौती और विभागीय तालमेल की कमी को लेकर क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर कार्यक्रम के नोडल एसडीएम न्यायिक मोहम्मद जफर के अलावा सीओ विनय प्रभाकर साहनी, नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार एवं नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन, भाजपा नेता मनोज सिंह बबलू, मोनू सिंह, मनीष जायसवाल सहित कोटेदार गण मौजूद रहें।
