दर्लीपाली, । एनटीपीसी दर्लीपाली में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्कर्ष भवन में देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने एकजुट होकर स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया तथा राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।समारोह में दर्लीपाली के परियोजना प्रमुख (HoP) फैज़ तैयब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत के गायन से हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। सीआईएसएफ द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर तथा तिरंगे गुब्बारों का विमोचन समारोह के देशभक्तिपूर्ण माहौल को और अधिक जीवंत बना गया।
समारोह को संबोधित करते हुए फैज़ तैयब, HoP ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राष्ट्र की प्रगति में योगदान के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता, उत्कृष्टता और जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण एनटीपीसी दर्लीपाली परिवार के उत्कृष्ट कार्य एवं योगदान को सम्मानित करना रहा। इस अवसर पर HoP मेधावी पुरस्कार, मानवीयता पुरस्कार एवं पावर एक्सेल पुरस्कार प्रदान किए गए। एनटीपीसी दर्लीपाली के कर्मचारियों, बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीआईएसएफ, सुरक्षा कर्मियों तथा सहयोगी कर्मचारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अभिलाषा लेडीज क्लब की अध्यक्ष श्रीमती ताज़ीन जावेद के नेतृत्व में मसाला बिक्री पहल का शुभारंभ किया गया। यह पहल आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने तथा सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। समारोह में आयोजित जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की विविधता और देशभक्ति की भावना को मनमोहक ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान मेधावी GEM विद्यार्थियों को साइकिलें भी वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा को सुगम बनाना और उन्हें अपने सपनों एवं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
स्वतंत्रता दिवस के इस विशेष अवसर पर एनटीपीसी दर्लीपाली संयंत्र के लघु मॉडल का भी अनावरण किया गया। इसका उद्घाटन श्री फैज़ तैयब, HoP ने GM (O&M), GM (Projects), GM (Maint. & ADM), CMO तथा एनटीपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समारोह ने उपस्थित सभी लोगों में देशभक्ति, गौरव और राष्ट्र निर्माण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
