चेन्नई/तिरुवल्लूर। एनटीपीसी तमिलनाडु एनर्जी कंपनी लिमिटेड (एनटीईसीएल) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत तिरुवल्लूर जिले के 22 विशेष विद्यालयों में अध्ययनरत बौद्धिक रूप से दिव्यांग (बौद्धिक अक्षमता) बच्चों को एमआर (मेंटल रिटार्डेशन/बौद्धिक अक्षमता) शिक्षण किट वितरित कीं। लगभग 45 लाख रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना का उद्देश्य समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शैक्षिक एवं सर्वांगीण विकास को सशक्त बनाना है। किट वितरण कार्यक्रम तिरुवल्लूर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कलेक्टर श्रीमती एस. कविता (आईएएस) तथा जिला दिव्यांगजन कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

एमआर किट में विशेष रूप से तैयार की गई शिक्षण-अधिगम सामग्री शामिल है, जो बच्चों के संज्ञानात्मक, संचार, संवेदी तथा मोटर कौशल के विकास में सहायक है। यह सामग्री व्यक्तिगत शिक्षण और चिकित्सीय हस्तक्षेप को प्रभावी बनाती है। बच्चों के अनुकूल तथा गैर-विषाक्त सामग्री से निर्मित इन किटों का उपयोग विद्यालय के साथ-साथ घर पर भी किया जा सकता है, जिससे बच्चों के निरंतर सीखने और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में एनटीईसीएल की ओर से महाप्रबंधक (आईटी) जी.वी.एस. रामा मनोहर, वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) सुनारी पप्पू तथा सीएसआर कार्यकारी सुश्री मालविका लिज़ जॉर्ज उपस्थित रहे। उन्होंने लाभार्थी बच्चों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। एनटीईसीएल ने कहा कि कंपनी समाज के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से संयंत्र क्षेत्र के आसपास रहने वाले दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर सहयोग करती रहेगी।
