सोनभद्र। एनटीपीसी विंध्याचल के क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान द्वारा 11 एवं 13 जुलाई 2026 को ‘पॉश (कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 एवं जेंडर सेंसिटाइजेशन’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एनटीपीसी विंध्याचल एवं एनटीपीसी सिंगरौली के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तीन बैच तथा कार्यकारी प्रशिक्षुओं (एक्जीक्यूटिव ट्रेनी) के लिए एक विशेष बैच आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. देबस्मिता त्रिपाठी, अपर महाप्रबंधक (आरएलआई) द्वारा किया गया। उन्होंने संकाय सदस्यों अजय अग्रवाल एवं ऋचा अग्रवाल तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कर्मचारियों में पॉश अधिनियम, 2013 के प्रति जागरूकता बढ़ाने, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने तथा सम्मानजनक एवं समावेशी कार्यस्थल की संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अपने संबोधन में डॉ. त्रिपाठी ने एनटीपीसी के मूल्यों पारस्परिक सम्मान एवं विश्वास तथा संगठनात्मक गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता उसकी सकारात्मक कार्यसंस्कृति पर निर्भर करती है। उन्होंने पॉश अधिनियम, 2013 के प्रमुख प्रावधानों, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम एवं शिकायत निवारण में आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी तथा सभी प्रतिभागियों से इन सिद्धांतों को अपने व्यवहार एवं कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कुल 204 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह प्रशिक्षण सुरक्षित, समानतापूर्ण एवं सम्मानजनक कार्यस्थल के निर्माण के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
एनटीपीसी विंध्याचल में पॉश अधिनियम-2013 पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र संपन्न
