*वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी भी हैं-रविन्द्र जायसवाल*
*जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है जनभागीदारी- धर्मेंद्र सिंह*
वाराणसी। प्रदेश सरकार के “हरा-भरा प्रदेश, खुशियों का संदेश” तथा “सुरक्षित जीवन, समृद्ध परिवेश” के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से रविवार को आयोजित वृक्षारोपण महाभियान के अंतर्गत वाराणसी में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल तथा विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पर्यावरण संरक्षकों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग द्वारा सेंट्रल जेल रोड के पीछे स्थित निर्धारित स्थल पर लगभग 5000 पौधों का रोपण किया गया। पौधरोपण अभियान में विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधे लगाए गए, जिनका उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार करना तथा पर्यावरण संरक्षण को मजबूत आधार प्रदान करना है।
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी भी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चला रही है।
एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। वृक्षारोपण तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं प्रकृति प्रेमियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे लोगों के प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और इनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत लगाए गए सभी पौधों की नियमित निगरानी, सिंचाई एवं सुरक्षा की व्यवस्था की गई है ताकि पौधों का बेहतर विकास सुनिश्चित हो सके। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ मां के नाम” सहित हरित उत्तर प्रदेश के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, मुख्य वन संरक्षक डॉ रवि कुमार सिंह , नोडल अधिकारी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला वनाधिकारी निधि चौहान, एनडीआरएफ एवं गंगा टास्क फोर्स के जवान व काशी के पर्यावरणविद् एवं समाजसेवी शामिल रहे।
