रायपुर, छत्तीसगढ़/ हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), रायपुर ने राष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं में अपनी शानदार सफलता का सिलसिला जारी रखते हुए 9वीं दस्तूर नेशनल डायरेक्ट टैक्स मूट कोर्ट प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई और द चैंबर ऑफ टैक्स कंसल्टेंट्स के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित किया गया।
HNLU की टीम में देवेश मिश्रा, राशलीन कौर सलूजा और अस्मि चंद्राकर शामिल थीं। तीनों छात्र बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) के तृतीय वर्ष (बैच 2029) के विद्यार्थी हैं। टीम ने प्रतियोगिता के प्रत्येक चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के प्रारंभिक और क्वार्टर फाइनल दौर 13 जून 2026 को ऑनलाइन आयोजित किए गए, जबकि सेमीफाइनल इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (आईटीएटी), मुंबई में और फाइनल मुकाबला 27 जून 2026 को गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई में आयोजित हुआ। HNLU की टीम ने न केवल प्रतियोगिता की चैंपियन ट्रॉफी अपने नाम की, बल्कि ₹12,000 की नकद पुरस्कार राशि भी जीती।

व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी HNLU के छात्रों ने शानदार उपलब्धि हासिल की। रशलीन कौर सलूजा को बेस्ट स्पीकर घोषित किया गया और उन्हें ₹5,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं देवेश मिश्रा को सेकंड बेस्ट स्पीकर का सम्मान मिला तथा उन्हें ₹3,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों तथा फैकल्टी मूट मेंटर्स डॉ. अनिंध्य तिवारी और उनकी टीम को बधाई देते हुए HNLU के कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय की लगातार सफलता उसके एक्सपीरिएंशियल लीगल एजुकेशन मॉडल का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि HNLU ने पारंपरिक मिड-टर्म परीक्षा के स्थान पर मूट क्लिनिक जैसी अभिनव व्यवस्था शुरू की है, जिसने छात्रों में शोध, ड्राफ्टिंग, मौखिक वकालत और न्यायालयीन प्रस्तुति कौशल विकसित करने की प्रक्रिया को नई दिशा दी है। वास्तविक न्यायालयीन कार्यवाही जैसी परिस्थितियों में लगातार अभ्यास और मूल्यांकन के माध्यम से विश्वविद्यालय ने ऐसा सशक्त एडवोकेसी इकोसिस्टम विकसित किया है, जो विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करता है।
प्रो. विवेकानंदन ने कहा, “मूटिंग केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विधि शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है। मूट क्लिनिक के माध्यम से हमारे विद्यार्थियों ने शोध, प्रभावशाली वकालत, टीमवर्क और पेशेवर नैतिकता जैसे गुण विकसित किए हैं, जिन्हें पारंपरिक परीक्षाओं के माध्यम से विकसित करना संभव नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मिल रही सफलताएँ इस बात का प्रमाण हैं कि HNLU व्यवहारिक और परिणामोन्मुख विधि शिक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” विश्वविद्यालय ने देवेश मिश्रा, रशलीन कौर सलूजा और अस्मि चंद्राकर को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी तथा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले फैकल्टी सदस्यों और मूट मेंटर्स के योगदान की भी सराहना की।
HNLU के बारे में
वर्ष 2003 में स्थापित हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर देश के अग्रणी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में से एक है। विधि शिक्षा, शोध, नवाचार और व्यावसायिक कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित HNLU अनुभवात्मक शिक्षण, अंतर्विषयी अध्ययन और वैश्विक सहभागिता पर विशेष बल देता है। यही कारण है कि यहाँ के विद्यार्थी मुकदमेबाजी, अकादमिक क्षेत्र, लोक सेवा, कॉर्पोरेट विधि और नीति-निर्माण जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
