किसान दिवस: अन्नदाता की आवाज़ और समस्याओं के समाधान का मंच – जिलाधिकारी 

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किसानों की समस्याओं के निस्तारण में पारदर्शिता न होने पर होगी कार्रवाई – डीएम चंद्र मोहन गर्ग 

चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में ‘किसान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के किसानों की समस्याओं को सुनना और मौके पर सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही करना रहा। आयोजित ‘किसान दिवस’ में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन बेहद सख्त नजर आया। बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए जनसमस्याओं के तत्काल और पारदर्शी निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।

बैठक में किसानों को उन्नत किस्म के बीजों और खाद की उपलब्धता समय से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। सम्बन्धित अधिकारियों से कहा कि वे निजी दुकानों और समितियों का औचक निरीक्षण करें ताकि कोई अनिमितता पाये जाने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित किया जाय। सहकारी समितियों पर यूरिया और डीएपी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने तथा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के सख्त निर्देश दिए। ग्रामीण इलाकों में रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा सिंचाई के समय जले हुए ट्रांसफार्मरों को तय समय सीमा (24 से 48 घंटे) के भीतर बदलने की हिदायत दी। सिचाई विभाग, चंद्र प्रभा, मूसाखांड नहरों की सिल्ट सफाई की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि चंद्रप्रभा और मूसाखांड एवं अन्य बांधों, नदियों से जुड़े नहरों के अंतिम छोर (टेल) तक पानी हर हाल में पहुंचे, ताकि किसानों को नर्सरी एवं अन्य फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलता रहे। 

बैठक में किसानों ने मुख्य रूप से नहरों में गिर रहे सीवर के गंदे पानी और नहर पटरियों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण की गंभीर समस्या को सामने रखा। किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और उन्हें व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिया। किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद जिलाधिकारी बेहद सख्त नजर आए। उन्होंने सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राजस्व विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से काम करने का निर्देश दिया। सड़कों पर निर्माण सामग्री रखकर अतिक्रमण करने और दुर्घटनाओं की सम्भावना को न्योता देने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन अब सख्त रुख अख्तियार करेगा जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (PWD), पुलिस और स्थानीय प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

धान की नर्सरी और रोपाई के चालू सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई को निर्देश देते हुई कहा कि जिले में मौजूद सभी चालू और बंद पड़े ट्यूबवेलों (नलकूपों) और पंपों की ब्लॉकवार सूची उपलब्ध कराई जाय जिससे यह स्पष्ट हो कि जनपद में कितने ट्यूबवेल या पंप किस तकनीकी खराबी की वजह से बंद पड़े हैं, उन्हें युद्धस्तर पर ठीक कराया जाए।

जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों से कहा किसानों द्वारा उठाई गई सिंचाई, बिजली आपूर्ति, खाद-बीज की उपलब्धता और कृषि ऋण से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने को निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी शिकायत को लटकाए रखता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, उपनिदेशक कृषि भीमसेन, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, एआर कोआपरेटिव विपिन कुमार सिंह, डिप्टी आरएमो राधवेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत, जल निगम, चंद्र प्रभा, मूसाखाड पीडब्लूडी, प्रान्तीय खंड, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, और भारी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

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