साइबर सिक्योरिटी सिस्टम से डेटा को मिलेगी साइबर सुरक्षा
प्रयागराज । 30 मई को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने प्रयागराज मंडल कार्यालय में स्थापित आधुनिक विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र (Traction Remote Control Centre) का उद्घाटन किया । इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के अधिकारीगण, मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल सहित प्रयागराज मंडल के अधिकारीगण उपस्थित रहे। यह केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जिसके माध्यम से विद्युत कर्षण प्रणाली की निगरानी, नियंत्रण एवं संचालन को अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं दक्ष बनाया जा सकेगा।आधुनिक विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र का महाप्रबंधक ने सीनियर टेक्नीशियन टी आर डी ओम प्रकाश से फीता कटवाकर उद्घाटन करवाया। ओम प्रकाश जो कि टी आर डी विभाग में सीनियर टेक्नीशियन पर पर कार्यरत है और दिसंबर 2026 में सेवानिवृत्त होंगे।
नवस्थापित नियंत्रण केंद्र रेल परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, ऊर्जा प्रबंधन तथा विद्युत आपूर्ति प्रणाली की सतत निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अत्याधुनिक सुविधा के माध्यम से रेल संचालन से संबंधित तकनीकी सूचनाओं का त्वरित विश्लेषण एवं बेहतर निर्णय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उद्घाटन के पश्चात महाप्रबंधक ने विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं सुनिश्चित करने एवं आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उत्तर मध्य रेलवे के सुरक्षित, दक्ष एवं आधुनिक रेल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर/टीआरडी, वीरेन्द्र वर्मा ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र की कार्यप्रणाली एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एवं अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी ।
उल्लेखनीय है कि प्रयागराज मंडल कार्यालय स्थित विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र को RDSO SPEC-130 प्रणाली से उन्नत कर RDSO SPEC-134 प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। नई प्रणाली में डेटा एक्सेस की गति अधिक उन्नत है तथा NMS (Network Management System) से संचार बाधित होने की स्थिति में भी सटीक एवं त्वरित जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे दोष निवारण, प्रणाली सुधार एवं परिचालन कार्यों की दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
