विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर 45 गाँवों में 800 किशोरियों के साथ जागरूकता अभियान

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वाराणसी/ विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर जनमित्र न्यास एवं चाइल्ड राइट्स एण्ड यु (CRY) के तत्वाधान में वाराणसी जनपद के 45 गाँवों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। एक सप्ताह तक चले इस अभियान के अंतर्गत लगभग 800 किशोरियों के साथ संवादात्मक जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिनमें माहवारी स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, पोषण, स्वास्थ्य अधिकार तथा किशोरियों से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई।
अभियान के दौरान किशोरियों ने अपने जीवन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने रखा। दल्लीपुर मुसहर बस्ती की किशोरियों ने गाँव में पानी की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए बताया कि स्वच्छ पानी की कमी के कारण वे नियमित रूप से व्यक्तिगत साफ-सफाई नहीं कर पातीं। माहवारी के समय यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे उनके स्वास्थ्य, आत्मसम्मान और दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। किशोरियों ने कहा कि स्वच्छ पानी की अनुपलब्धता उनके लिए केवल सुविधा का प्रश्न नहीं, बल्कि गरिमा और स्वास्थ्य का भी मुद्दा है।

किशोरियों की इन समस्याओं को जनमित्र न्यास द्वारा गंभीरता से लेते हुए जल कल विभाग के साथ हस्तक्षेप एवं संवाद की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। अभियान के दौरान किशोरी समूहों द्वारा चिन्हित समस्याओं का दस्तावेजीकरण किया गया तथा संबंधित विभागों तक उन्हें पहुँचाने और समाधान की दिशा में पहल की गई। जनमित्र न्यास द्वारा संचालित यह अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने किशोरियों को अपनी समस्याओं की पहचान करने, सामूहिक रूप से अपनी आवाज़ उठाने तथा समाधान की दिशा में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का अवसर भी प्रदान किया। इस पहल ने किशोरियों के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
यह एक सप्ताह का अभियान जनमित्र न्यास की ट्रस्टी श्रुति नागवंशी  के नेतृत्व में संचालित हुआ। अभियान में बड़ागाँव ब्लॉक से मंगला राजभर, संध्या कुमारी एवं चमेला देवी (CMC काउंसलर), हरहुआ ब्लॉक से प्रतिमा पाण्डेय, शोभनाथ, सुभाष प्रसाद एवं बृजेश पाण्डेय, पिंडरा ब्लॉक से गीता देवी (CMC काउंसलर), संजय कुमार एवं विनोद कुमार तथा अराजीलाइन ब्लॉक से सोमारू पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे अभियान का दस्तावेजीकरण आनन्द निषाद  द्वारा किया गया।

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