विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को नवाचार और वैज्ञानिक सोच की ओर प्रेरित करने की पहल
धनबाद। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद द्वारा बीसीसीएल के सहयोग से आज कंपनी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम के अंतर्गत ‘बीसीसीएल क्षेत्रों के वंचित एवं परियोजना प्रभावित परिवार (PAP) के विद्यार्थियों हेतु STEM शिक्षा को तार्किक, डिजिटल एवं प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से प्रोत्साहित करना’ विषय पर एक दिवसीय एसटीईएम (स्टेम) इमर्सन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन पेनमैन ऑडिटोरियम में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बीसीसीएल के परिचालन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सरकारी विद्यालयों, वंचित एवं परियोजना प्रभावित परिवारों (PAP) के विद्यार्थियों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (STEM) शिक्षा के प्रति रुचि, जिज्ञासा और नवाचार आधारित सोच को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर बीसीसीएल परिचालन क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 550 विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। छात्रों को इस दौरान संस्थान के विभिन्न नवाचार केंद्रों, प्रयोगशालाओं इत्यादि का भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों ने टेक्समिन इनोवेशन हब, भूवैज्ञानिक संग्रहालय, अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC), रोबोटिक्स प्रयोगशाला, केंद्रीय पुस्तकालय सहित स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर आदि का भ्रमण किया। कार्यक्रम में सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल ने बतौर मुख्य अतिथि अपनी सहभागिता की। अवसर पर डॉ. धीरज कुमार (उपनिदेशक-आईआईटी आईएसएम), विभागाध्यक्ष (सीएसआर) बीसीसीएल, सुरेन्द्र भूषण, आईआईटी (आईएसएम) के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, विशिष्ट संकाय सदस्यगण, विद्यालय प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास एवं नवाचार आधारित सोच विकसित करने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित आज विश्व के भविष्य को आकार दे रहे हैं तथा प्रत्येक बच्चे को सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि से ऊपर उठकर इस भविष्य का हिस्सा बनने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद एवं बीसीसीएल की संयुक्त पहल विद्यार्थियों को तार्किक चिंतन, डिजिटल शिक्षण उपकरणों एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। श्री अग्रवाल ने बीसीसीएल की सामाजिक प्रतिबद्धताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी अपने सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल शिक्षण सुविधाओं, स्मार्ट क्लासरूम एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सतत प्रयासरत रहने, जिज्ञासु बने रहने तथा अपनी क्षमता पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया। संवाद के दौरान उन्होंने छात्रों को पूर्ण समर्पण और मेहनत के साथ अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए उत्साहित किया तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वैज्ञानिक प्रयोगों, डिजिटल सिमुलेशन, गतिविधि आधारित शिक्षण मॉड्यूल एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से विज्ञान एवं गणित की अवधारणाओं को सरल एवं व्यावहारिक रूप में समझाया गया तथा तार्किक एवं विश्लेषणात्मक क्षमता के विकास, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों को STEM करियर के प्रति प्रेरित करने पर विशेष बल दिया गया। उल्लेखनीय है कि बीसीसीएल की इस पहल के अंतर्गत अब तक धनबाद जिले के विभिन्न प्रखंडों – टुंडी, निरसा, झरिया, बाघमारा एवं धनबाद के 25 विद्यालयों के लगभग 7450 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। कार्यक्रम के अंतर्गत विज्ञान एवं गणित विषयों को प्रयोगात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुँचाया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक सोच एवं समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने के संदेश के साथ हुआ। बीसीसीएल एवं आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की यह संयुक्त पहल शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान रहा।
