संकटोडिया,। शुक्रवार को 13मई 2026 को ईसीएल के मानव संसाधन विकास विभाग के सभागार में ईसीएल राजभाषा (हिंदी) अंतःशिक्षुता (इंटर्नशीप) कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। ईसीएल के मानव संसाधन विकास विभाग एवं राजभाषा विभाग के संयुक्त प्रयास से कुल्टी कॉलेज में बीए (हिंदी) के षष्ठम् अर्धवार्षिक पाठ्यक्रम वाले विद्यार्थियों के लिए दिनांक 28.04.2026 से 13.05.2026 तक “ईसीएल राजभाषा (हिंदी) अंतःशिक्षुता कार्यक्रम” संचालित किया गया था जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महाप्रबंधक (ई एण्ड एम / मानव संसाधन) अरूण कुमार, विशिष्ट अतिथि के रूप में निदेशक (मानव संधान) के तकनीकी सचिव एवं विभागीय प्रधान (राजभाषा) विवेक कुमार की गरिमामीय उपस्थिति रही। साथ ही, मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक (मा.सं.) पी साहनी की गुरूत्वपूर्ण उपस्थिति रही।
राजभाषा (हिंदी) अंतःशिक्षुता कार्यक्रम की कुल आधिकारिक अवधि 60 घंटे की रही जो 12 कार्यालयीन दिवसों में पाँच-पाँच घंटों में विभक्त थी जिसमें संघ की राजभाषा नीति, राजभाषा (हिंदी) समितियाँ, संघ का राजकीय कार्य हिंदी में करने के लिए वार्षिक कार्यक्रम, राजभाषा निरीक्षण, राजभाषा (हिंदी) प्रशिक्षण, हिंदी दिवस एवं राजभाषा पखवाड़ा / माह, अनुवाद एवं तकनीकी शब्दावली, कम्प्यूटर साक्षरता तथा हिंदी ई-टूल्स और उनका अनुप्रयोग, हिंदी पत्र-पत्रिकाओं, न्यूज बुलेटिन, हिंदी पुस्तकों एवं सहायक साहित्यों का प्रकाशन, प्रोत्साहन योजनाएँ, विश्व हिंदी सचिवालय एवं विश्व हिंदी दिवस आदि विषयों पर अंतःशिक्षुता प्रदान की गई। यह कार्यक्रम सिद्धान्त एवं अभ्यास आधारित रही। कार्यक्रम समाप्ति पर सभी विद्यार्थियों को राजभाषा (हिंदी) अंतःशिक्षुता प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
ईसीएल द्वारा प्रदान की गई राजभाषा (हिंदी) अंतःशिक्षुता कार्यक्रम का उद्देश्य ईसीएल के समीपवर्ती महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के मध्य सामासिक संस्कृति की समझ तथा राजभाषा (हिंदी) संबंधित ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल का विकास हो जिससे उन्हें अच्छा नागरिक बनने एवं अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले सके। अंतःशिक्षुता के दौरान कुल्टी कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा पेशेवर दक्षता का परिचय दिया गया। राजभाषा विभाग की रूपा मित्रा एवं सुमेधा भारती द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने में महती भूमिका निभायी गई। भारतीय संविधान के अनुरूप ईसीएल अपने अधिकार क्षेत्र या कमान क्षेत्र में सामासिक संस्कृति के परिरक्षण, विकास व समृद्धि के प्रति सदैव सजग रहती है। ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक की अनुप्रेरणा से समाज में राजभाषा (हिंदी) के प्रसार के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से यह नूतन पहल आरंभ की गई है।
