निर्माणाधीन एयरपोर्ट टर्मिनल पर लगा विशेष टीबी जांच कैंप, 190 श्रमिकों की हुई स्क्रीनिंग

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एआई युक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से एयरपोर्ट निर्माण स्थल पर श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच

राज्य क्षय रोग अधिकारी ने किया कैंप का निरीक्षण

वाराणसी। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा सीएमओ के निर्देशानुसार बुधवार को लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माणाधीन नए टर्मिनल की कंस्ट्रक्शन साइट पर कार्यरत श्रमिकों के लिए 100 दिवसीय विशेष क्षय रोगी खोजी अभियान के अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन साइट पर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रमिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई।

       कैंप में चिकित्सकों द्वारा श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया गया। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर, शुगर एवं हीमोग्लोबिन की जांच की गई। विशेष आकर्षण के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से टीबी स्क्रीनिंग हेतु एक्स-रे जांच की गई। इस अत्याधुनिक मशीन की सहायता से एक मिनट से भी कम समय में मरीजों की ट्यूबरक्लोसिस स्क्रीनिंग संभव हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कैंप आयोजित करने का उद्देश्य निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित करना है। एयरपोर्ट प्रशासन, अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन, वर्किंग स्टाफ एवं सिक्योरिटी स्टाफ के विशेष सहयोग से अब तक कुल 190 लोगों की जांच की जा चुकी है।

कैंप के दौरान 5 बलगम (स्पुटम) सैंपल भी एकत्र किए गए, जिन्हें आगे नाट जांच हेतु भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होती है, तो उसे तत्काल उपचार एवं नियमित निगरानी के दायरे में लाया जाएगा, ताकि बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

      कैंप स्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव की चिकित्सकीय टीम आवश्यक औषधियों के साथ उपस्थित रही। कैंप का निरीक्षण  राज्य क्षयरोग अधिकारी डॉ. ऋषि सक्सेना ने किया। निरीक्षण के समय जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. पीयूष राय एवं एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से एपीएचओ जीतेश भी उपस्थित रहे। राज्य क्षयरोग अधिकारी डॉ. ऋषि सक्सेना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 100 दिवसीय विशेष क्षय रोगी खोजी अभियान का उद्देश्य टीबी मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना है।  एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन आधुनिक तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे कम समय में अधिक लोगों की स्क्रीनिंग संभव हो रही है।

       मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद ने बताया कि अगले सप्ताह से दो अतिरिक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की सहायता से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भी विशेष स्वास्थ्य एवं टीबी स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे।

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