धनबाद।कोयला भवन, मुख्यालय में आज बीसीसीएल द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (C&AG) के अधिकारियों के लिए एक दिवसीय एसएपी ईआरपी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (वित्त) श्री राजेश कुमार ने की।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (वित्त) एम. एस. राजू, विभागाध्यक्ष (आंतरिक अंकेक्षण)श्वेता सिंह सहित बीसीसीएल ईआरपी टीम के सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में महानिदेशक लेखा परीक्षा (खनन एवं कोयला), कोलकाता कार्यालय के उप-निदेशक, राकेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में संस्था के दस ऑडिट अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन रोहित कुमार, प्रबंधक (सामग्री प्रबंधन),अशोक कुमार पाल, प्रबंधक (मानव संसाधन), अमित कुमार, उप-प्रबंधक (वित्त),सुमेंद्र सिंह, उप-प्रबंधक (वित्त) तथा एक्सेंचर ईआरपी टीम के विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को वित्त, सामग्री प्रबंधन, मानव संसाधन, प्रोडक्शन एंड प्लानिंग, मेंटेनेंस, सेल्स तथा अन्य संबंधित विषयों पर ईआरपी आधारित अनुप्रयोगों का व्यावहारिक एवं प्रणालीगत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सत्रों में विशेष रूप से प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, डेटा की सटीकता, पारदर्शिता एवं कार्यकुशलता बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में निदेशक (वित्त) राजेश कुमार ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी एवं प्रौद्योगिकी युग में किसी भी संस्थान के लिए कंप्यूटरीकृत एवं ईआरपी आधारित लेखा प्रणाली अपनाना न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, बल्कि दक्षता, जवाबदेही एवं त्वरित निर्णय प्रक्रिया को भी सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल, देश की ऊर्जा श्रृंखला के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में अपने सभी कार्यक्षेत्रों में ईआरपी आधारित प्रणालियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्ध है। इससे वित्तीय प्रबंधन में सटीकता, संसाधनों के श्रेष्ठतम उपयोग, प्रक्रियाओं के मानकीकरण तथा बेहतर निगरानी में सहायता मिलेगी। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण सत्र ज्ञान-विनिमय का सशक्त मंच प्रदान करते हैं, जिससे संस्थान की कार्य-संस्कृति, वित्तीय अनुशासन तथा लेखा प्रणालियाँ और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनती हैं।
कार्यक्रम के दौरान उप-निदेशक राकेश कुमार सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बीसीसीएल द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ईआरपी आधारित अनुप्रयोगों पर प्राप्त यह प्रशिक्षण लेखा-परीक्षा कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने अपनी टीम की ओर से बीसीसीएल प्रबंधन एवं प्रशिक्षकों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ज्ञान संवर्धन एवं संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
