डाला/सोनभद्र(राकेश जायसवाल)। चोपन ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटा के तेलगुड़वा के पश्चिम टोला गांव में बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। पूर्व प्रदेश सचिव छात्र मंच अपना दल (एस) रविन्द्र सिंह यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आंदोलन करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक गांव में बिजली की व्यवस्था नहीं हो सकी है। कई बार राज्य मंत्री, विधायक और जिले के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इससे नाराज होकर आदिवासी समुदाय के लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रविन्द्र सिंह यादव ने साफ कहा कि अगर समय रहते जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस समस्या का समाधान नहीं करते हैं, तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि वे सरकार की छवि खराब नहीं होने देंगे, लेकिन जनता को उनका हक दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।वहीं पंकज यादव ने कहा कि आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय और शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार लड़ाई जारी रहेगी।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पास में स्थित ओबरा थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन कर दूसरे जिलों और प्रदेशों को सप्लाई की जाती है, लेकिन स्थानीय आदिवासी आज भी अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण का खामियाजा भी इन्हीं लोगों को भुगतना पड़ता है, इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधा बिजली तक नसीब नहीं हो रही है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन जिले से लेकर लखनऊ तक पहुंचेगा और हर हाल में गांव में बिजली की व्यवस्था कराई जाएगी।आंदोलन में विजय कुमार, तेजू राम, वंशराज, गुड्डू, लालमन, बली राम, ब्रिजदेव मुनि, ओमप्रकाश, भोला झीगई, उत्तम, मुन्ना, छोटेलाल, रामविलास, शिवकुमार, लालजी, सोनू गुप्ता, सुरेश, मोहन लाल, चंद्र, भोला, रामप्यारी, विश्वनाथ, लक्ष्मण, संतोष, रोपड़, रमेश सेनापति समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बिजली के लिए सड़कों पर उतरे आदिवासी, वर्षों से अंधेरे में जीने को मजबूर ग्रामीण
