राउरकेला। नवाचार, समन्वय और संसाधनों के बेहतर उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए, सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के मटेरियल रिकवरी विभाग (एमआरडी) ने विपणन विभाग के सहयोग से पहली बार एमआरडी परिसर से 1000 टन “प्लेट क्रॉप एंड” का बाह्य प्रेषण सफलतापूर्वक प्रारंभ किया है।
पहली बार की गई यह पहल न केवल लगभग 3.73 करोड़ रुपये के उल्लेखनीय राजस्व अर्जन में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि मिलों में स्थान की कमी की समस्या को भी काफी हद तक कम करने में मददगार रही है। यह उपलब्धि प्रभावी सामग्री प्रबंधन तथा पुनर्प्राप्त संसाधनों से मूल्य सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।इस प्रेषण कार्य का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएँ) एवं कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (संकाय), अतिश चन्द्र सरकार, विभागाध्यक्ष (एमआरडी), संतोष कुमार भूईयाँ तथा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया।उल्लेखनीय है कि, इस पहल से स्टील मेल्टिंग शॉप्स में स्थान की कमी तथा स्क्रैप की कम खपत जैसी परिस्थितियों में क्रॉप एंड के निष्पादन के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध हुआ है। इससे संयंत्र के संचालन प्रबंधन को सुगम बनाने और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
अपनी उपलब्धियों में एक और आयाम जोड़ते हुए, एमआरडी ने 25 मई 2026 से “लाल गुमटी” का बाह्य प्रेषण भी प्रारंभ कर दिया है। इससे विभाग के व्यवस्थित सामग्री निष्पादन एवं राजस्व वृद्धि के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी । एक और उद्यमशील कदम उठाते हुए, एमआरडी ने 25 मई 2026 से नए डंपिंग क्षेत्र “लाल गुमटी” से बीओएफ स्लैग का प्रेषण भी शुरू कर दिया है, जिससे व्यवस्थित सामग्री निपटान और राजस्व वृद्धि की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और मजबूती मिली है। इन पहलों से न केवल परिचालन उत्कृष्टता और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि संगठन के लिए ठोस मूल्य सृजित करने में भी सफलता हासिल होगी ।
