लखनऊ। (गिरीश तिवारी) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार सुबह आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह के गोमतीनगर स्थित आवास और उनसे जुड़े अन्य परिसरों पर छापेमारी की। सुबह करीब सात बजे शुरू हुई यह कार्रवाई कई घंटों तक चली और पूरे दिन राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रही।आयकर विभाग की कई टीमें एक साथ मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्वक और व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सके। सूत्रों के अनुसार 30 से 50 से अधिक अधिकारी अलग-अलग हिस्सों में दस्तावेजों की जांच में लगे रहे। घर और कार्यालय के कमरों, अलमारियों और रिकॉर्ड रूम की बारीकी से तलाशी ली गई।जांच के दौरान संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक लेन-देन के दस्तावेज, कारोबारी फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच की गई। डिजिटल डेटा की भी पड़ताल की जा रही है। आयकर विभाग ने आधिकारिक रूप से जांच के कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि वित्तीय लेन-देन और कुछ पुराने रिकॉर्ड की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार छापेमारी का दायरा केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहा। विधायक से जुड़े अन्य स्थानों पर भी जांच की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि यह कार्रवाई व्यापक स्तर पर की जा रही है।छापेमारी के दौरान परिवार के सदस्य आवास पर मौजूद रहे और टीम को जांच में सहयोग दिया। कुछ समाचारों में यह भी बताया गया कि उमाशंकर सिंह स्वास्थ्य कारणों से उपचाराधीन हैं। हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल देखी गई। कुछ नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया पर बयान जारी किए। वहीं आयकर विभाग की ओर से अब तक विस्तृत प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल के बाद ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
फिलहाल लखनऊ में हुई यह छापेमारी प्रदेश की सबसे चर्चित कार्रवाइयों में शामिल हो गई है। दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। पूरे मामले पर प्रदेश की नजर बनी हुई है।

खदानों पर ‘सीक्रेट ऑपरेशन’, आयकर की सख्त कार्रवाई
ओबरा/सोनभद्र। जिले में खनन कारोबार को लेकर आयकर विभाग ने बड़े स्तर पर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अब सिर्फ कागजी जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रोन कैमरों और सेटेलाइट तकनीक के जरिए खदानों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है। पहली बार जिले में इस तरह की हाईटेक पड़ताल होने से खनन क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।जानकारी के मुताबिक, जिला खनिज विभाग से मिले पट्टा दस्तावेजों के आधार पर तकनीकी टीम जमीन पर वास्तविक खुदाई का मिलान कर रही है। शिकायत मिली थी कि कुछ खदानों में तय मानकों से ज्यादा गहराई तक खनन किया गया है। इसी आधार पर प्रदेश स्तर पर एक साथ कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें सोनभद्र को मुख्य केंद्र बनाया गया है।करीब 25 वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे अधिकारियों ने शुरुआत में आधा दर्जन से अधिक खनन कारोबारियों के घर और दफ्तरों पर दबिश दी। कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखने के लिए कई गाड़ियों पर शादी समारोह के स्टिकर लगाए गए थे, ताकि किसी को पहले से जानकारी न हो सके। अलग-अलग जिलों और पड़ोसी राज्यों के नंबर प्लेट वाले वाहन भी जिले में देखे गए।अब जांच सीधे खदानों तक पहुंच गई है। ओबरा थाना क्षेत्र सहित कई इलाकों में पुलिस बल तैनात है। करीब 100 से अधिक अधिकारी अलग-अलग टीमों में बंटकर काम कर रहे हैं। वाराणसी जोन के ज्वाइंट डायरेक्टर प्रांजल सिंह के नेतृत्व में प्रदेश के 20 से ज्यादा स्थानों पर एक साथ कार्रवाई चल रही है, जिनमें से लगभग 14 ठिकाने अकेले सोनभद्र में हैं।
टीम ने कई पत्थर खदानों का स्थल निरीक्षण किया। ड्रोन से पूरे खनन क्षेत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग और जीपीएस मैपिंग की जा रही है। इसके बाद डिजिटल आंकड़ों के आधार पर यह देखा जा रहा है कि स्वीकृत सीमा के भीतर ही खुदाई हुई है या उससे अधिक। अधिकारियों ने कैमरे पर बयान देने से परहेज किया, लेकिन इतना संकेत जरूर दिया कि मानक से अधिक खनन की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
डाला लंगड़ा मोड़ स्थित बंद पड़ी तीन नंबर खदान, जिसका संबंध एक विधायक से बताया जा रहा है, वहां भी टीम पहुंची और दस्तावेजों की जांच की गई। बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र से जुड़े कई खनन कारोबारियों और चोपन क्षेत्र के कुछ व्यवसायियों के यहां भी कार्रवाई की सूचना है।यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गोपनीय तरीके से शुरू हुआ यह ऑपरेशन अब जिले की सबसे बड़ी तकनीकी जांच के रूप में सामने है। सोनभद्र के खनन क्षेत्र में इस कार्रवाई से सन्नाटा है और अब सबकी निगाहें आने वाले निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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