सोनभद्र। बुधवार को जिला अधिकारी कार्यालय, सोनभद्र में भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा लेबर कोड में व्याप्त आपत्तियों को लेकर एक सभा का आयोजन किया गया। सभा के उपरांत जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दसाराम यादव ने की, मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में प्रदेश मंत्री अरुण कुमार दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में सरकार द्वारा बनाए गए चार लेबर कोड में से औद्योगिक संबंध संहिता 2020 एवं ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 में श्रमिक हितों से जुड़ी गंभीर चिंताओं को रेखांकित करते हुए उनके अविलंब समाधान की मांग की।

प्रदेश मंत्री ने बोनस गणना की बेसिक राशि ₹7000 तथा पात्रता सीमा ₹21000 में बढ़ोतरी किए जाने, ईएसआईसी की पात्रता सीमा ₹21000 से बढ़ाकर ₹42000 किए जाने की मांग रखी। साथ ही स्थानीय मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खनन क्षेत्र में कार्यरत संविदा श्रमिकों के वेतन-भत्ते, वेलफेयर एवं सामाजिक सुरक्षा की लगातार अनदेखी की जा रही है। सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतकर श्रमिकों की जान जोखिम में डालकर खनन कार्य कराया जा रहा है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ माह पूर्व हुई खान दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु के बाद भी जिला खनन विभाग एवं खान सुरक्षा निदेशालय द्वारा ठोस कार्रवाई करने के बजाय खनन मालिकों से मिलीभगत कर अवैध खनन कराया जा रहा है।
कार्यक्रम का सफल संचालन जिला मंत्री एल.पी. शुक्ला ने किया। सभा में विभिन्न प्रतिष्ठानों, परियोजनाओं, ग्रामीण क्षेत्रों तथा आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। संबंधित प्रतिष्ठानों के सचिवों एवं अध्यक्षों ने अपने-अपने उद्बोधन में लेबर कोड को लेकर संगठन का पक्ष एवं सुझाव विस्तार से रखे। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ सदैव श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और लेबर कोड के सकारात्मक बिंदुओं का समर्थन करते हुए श्रमिक विरोधी प्रावधानों में आवश्यक संशोधन की मांग करता है। अंत में जिला अधिकारी सोनभद्र के प्रतिनिधि ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन प्राप्त किया।

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