मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर बीसीसीएल के शेयरों की हुई लिस्टिंग

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146.87 गुना सब्सक्रिप्शन वाले कंपनी के शेयर 96.5% के शानदार प्रीमियम के साथ हुए सूचीबद्ध

धनबाद। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के शेयर आज मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध हुए। 146.87 गुना सब्सक्रिप्शन वाले इस इशू की लिस्टिंग 96.5% के शानदार प्रीमियम के साथ हुई। आईपीओ पिछले हफ्ते सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था, जिसके बाद आज इसकी लिस्टिंग हुई। इशू प्राइस में बीसीसीएल शेयर प्राइस 23 रुपये रखा गया था, जिसके मुकाबले इसकी लिस्टिंग 45.21 रुपये के भाव पर हुई। पहले यह लिस्टिंग 16 जनवरी को प्रस्तावित थी, लेकिन मुंबई में नगर निगम चुनाव (बीएमसी) चुनाव में बैंक और शेयर बाजार बंद रहने के कारण कंपनी ने लिस्टिंग को आज तक के लिए टाल दिया था, जिसके बाद आज इसके शेयर मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हुए।

मुंबई में आयोजित लिस्टिंग समारोह में सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन)  मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना)  निलाद्री रॉय, ओएसडी/वित्त,  राजेश कुमार, कंपनी सेक्रेटरी,  बी.के परुई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सीएमडी,  मनोज अग्रवाल ने इस अवसर पर निवेशकों के विश्वास और भरोसे के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और कंपनी के लिए इसे एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने सभी निवेशकों को बधाई दी तथा कंपनी के निरंतर प्रगति तथा उन्नति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

उल्लेखनीय है कि ओपनिंग के पश्चात बीसीसीएल के आइपीओ को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। 1,071 करोड़ रुपये के इस मेनबोर्ड आइपीओ को कुल 146.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। रिटेल, क्यूआइबी और नॉन-इंस्टीट्यूशनल सभी श्रेणियों में इस इश्यू को जोरदार रिस्पॉन्स मिला। बीसीसीएल देश की अग्रणी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है, जो उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोल के उत्खनन और आपूर्ति में अग्रणी स्थान रखती है। कंपनी को वर्ष 2014 में ‘मिनीरत्न’ का दर्जा प्राप्त हुआ था। कंपनी मुख्य रूप से स्टील उद्योग सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को कोकिंग कोल की आपूर्ति करती है, तथा इसके पास झरिया, रानीगंज और धनबाद क्षेत्रों में समृद्ध कोकिंग कोल भंडार उपलब्ध हैं, जो देश की इस्पात उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं।

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