वृद्धाश्रम में मनाई गई वैवाहिक जीवन की 12वीं वर्षगांठ, बुजुर्गों का लिया आशीर्वाद

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दुद्धी, सोनभद्र। समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश करते हुए रेणुकूट निवासी मनीष मालवीय एवं उनकी धर्मपत्नी निधि मालवीय ने अपनी वैवाहिक जीवन की 12वीं वर्षगांठ परख वृद्धाश्रम, दुद्धी में बुजुर्गों के बीच मनाई। इस अवसर पर दंपति ने वृद्धाश्रम में रह रहे सभी बुजुर्गों के साथ केक काटकर अपनी खुशियां साझा कीं और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस कार्यक्रम के दौरान मालवीया दंपति ने सभी वृद्धजनों को केक एवं मिठाई खिलाई तथा अपने सहयोग से विशेष भोजन की व्यवस्था कर सभी को स्नेहपूर्वक भोजन कराया। इसके अलावा वृद्धजनों की आवश्यकता को देखते हुए व वृद्धजनों की मांग पर सभी को चप्पलों का वितरण भी किया। यह उपहार पाकर बुजुर्गों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस दौरान वृद्धाश्रम में भावनात्मक और आत्मीय वातावरण देखने को मिला। बुजुर्गों ने मालवीया दंपति को वैवाहिक वर्षगांठ की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद एवं दीर्घ दांपत्य जीवन की कामना की। सभी ने उनकी इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए भरपूर आशीर्वाद प्रदान किया। बुजुर्गों का स्नेह और आशीर्वाद पाकर मालवीया दंपति भी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविक खुशी तभी मिलती है जब अपनी खुशियों को समाज के जरूरतमंद और असहाय लोगों के साथ साझा किया जाए। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी अपनी प्रत्येक वैवाहिक वर्षगांठ इसी प्रकार जरूरतमंदों और बुजुर्गों के बीच मना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित दिवाकर द्विवेदी ने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।  उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को ऐसे अवसरों पर आगे आकर निराश्रित एवं असहाय लोगों के बीच समय बिताना चाहिए। इससे न केवल उनके जीवन में खुशियां आती हैं, बल्कि सेवा करने वाले व्यक्ति को भी आत्मिक संतोष, दुआएं और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।

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