300 से अधिक श्रद्धालुओं को दिया प्राथमिक उपचार
प्रयागराज। ओडिशा के पुरी में आयोजित 36वें नेशनल सर्विस कैंप एवं विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ रथ यात्रा–2026 के अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज की सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के छह सदस्यीय दल ने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से मानव सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। 15 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक चले इस अभियान में दल ने “मानव सेवा ही माधव सेवा” के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान की। इस सेवा अभियान की शुरुआत 15 जुलाई को पुरी के टाउन हॉल में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह से हुई, जिसमें ओडिशा के माननीय राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। उत्तर मध्य रेलवे के इस दल ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सक्रिय सहयोग दिया। इसके बाद 15 से 17 जुलाई तक चली मुख्य रथ यात्रा के दौरान, जब पुरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी, तब ग्रैंड ट्रंक रोड और मेडिकल कॉलेज क्षेत्र जैसे अत्यधिक व्यस्त स्थानों पर दल ने मोर्चा संभाला। इस दौरान लगातार हो रही भारी वर्षा के बावजूद स्वयंसेवकों ने पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ अपनी सेवाएँ जारी रखीं।
भारी भीड़ के दबाव के कारण श्रद्धालुओं के चोटिल होने, गिरने, फ्रैक्चर होने, बेहोशी और अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओं के मामलों में ब्रिगेड के सदस्यों ने तुरंत त्वरित प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। तीन दिनों की इस कठिन सेवा अवधि में दल ने 300 से अधिक मरीजों को चिकित्सा सहायता दी। अत्यधिक भीड़ के बीच से एम्बुलेंस को सुरक्षित रास्ता दिलाना और गंभीर मरीजों को शीघ्रता से अस्पताल में शिफ्ट करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे टीम ने अपने पूर्व अनुभव और कुशल समन्वय के बल पर सफलतापूर्वक पूरा किया। उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज की टीम के इस उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए सेंट जॉन एम्बुलेंस, ओडिशा ब्रिगेड द्वारा दल के सभी सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस जाँबाज सेवा दल का नेतृत्व कॉरपोरल अमित कुमार मौर्य ने किया, जिनके साथ सार्जेंट विजय प्रकाश राम, सार्जेंट महेश कुमार, मेंबर सोनू कुमार, मेंबर सुनील कुमार और मेंबर राम सजीवन पटेल ने टीम भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया। इस नेशनल सर्विस कैंप में देश के विभिन्न राज्यों से आए सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड, रेड क्रॉस सोसाइटी, सिविल डिफेंस तथा स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया, जिनके साथ प्रयागराज की टीम ने आपदा प्रबंधन और जनसेवा के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए। विषम परिस्थितियों, लगातार बारिश और लाखों की भीड़ के बीच साहस, अनुशासन और सेवा-भाव का परिचय देकर इस टीम ने उत्तर मध्य रेलवे का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
