हाजीपुर । पूर्व मध्य रेल पर यात्रियों एवं रेलकर्मियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पेयजल गुणवत्ता की जांच हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रेल प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशनों एवं कॉलोनियों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटरटैप, वाटर फिल्टर, पेयजल वितरण बिंदुओं तथा पाइप लाइनों की नियमित सघन जांच एवं रख रखाव को प्राथमिकता दी जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत पूर्व मध्य रेल के स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु संर्वधन परीक्षण एवं अन्य रासायनिक परीक्षण किये जा रहे हैं।
इसी क्रम में दानापुर मंडल के स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों एवं कार्यालयों में 177 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, 02 जीवाणु संर्वधन परीक्षण एवं 01 रासायनिक परीक्षण सहित कुल 180 पेयजल गुणवता परीक्षण किये गये। धनबाद मंडल में 966 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, 23 जीवाणु संर्वधन परीक्षण एवं 01 रासायनिक परीक्षण किये गये। इसी प्रकार, सोनपुर मडल में 319 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, 21 जीवाणु संर्वधन परीक्षण एवं 06 रासायनिक परीक्षण किये गये। इसी तरह समस्तीपुर एवं पं.दीनदयाल उपाध्याय मंडलों में पानी के सैंपल इक्ट्ठा करके उनकी फिजिकल, केमिकल और बैकटीरियोलॉजिकल जांच के साथ-साथ रेसिडुअल क्लोरीन की भी जांच की जा रही है। पानी की सप्लाई पाइपलाइनों और पाइपिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच की जा रही है और पाई गयी कमियों को तुरंत ठीक किया जा रहा है।
स्वच्छ पेयजल गुणवत्ता जांच के दौरान आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही की जा रही है। यह विशेष अभियान पूर्व मध्य रेल के पांचों मंडलों के सभी रेलवे स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों एवं कार्यालयों के सभी पेयजल स्थलों के परीक्षण तथा उनके सुधार तक जारी रहेगा। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच एवं परीक्षण किया जा रहा है, ताकि रेल यात्रियों एवं रेलकर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। रेल प्रशासन रेल यात्रियों एवं रेलकर्मियों के स्वास्थ्य एवं सुविधा को सर्वोपरि रखते हुये स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिये प्रतिबद्ध है।
