स्मार्ट क्लास से बच्चों की सीखने की क्षमता में निखार, डीएम ने की सराहना

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 लोढ़ी में स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई का डीएम ने लिया जायजा

सोनभद्र। विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण तकनीकों के प्रभावी उपयोग से बच्चों को रोचक, सरल एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में डीएम चर्चित गौड़ ने शनिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा का जायजा लिया तथा डिजिटल शिक्षण के जरिए बच्चों की सीखने और समझने की क्षमता का आकलन किया।निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्मार्ट क्लास में पढ़ाए जा रहे पाठों से संबंधित प्रश्न बच्चों से पूछे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए। बच्चों की विषयों को समझने की क्षमता और उनके आत्मविश्वास को देखकर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा उनके बौद्धिक स्तर की सराहना की। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें चॉकलेट एवं टॉफी भी प्रदान कीं।
श्री गौड़ ने स्मार्ट क्लास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षण के माध्यम से बच्चों को कठिन विषयों को भी चित्रों, वीडियो और दृश्य-श्रव्य सामग्री के जरिए सरलता से समझने का अवसर मिलता है। इससे पढ़ाई अधिक रोचक बनती है तथा विद्यार्थियों की विषयों को समझने, याद रखने और प्रश्नों के उत्तर देने की क्षमता को प्रोत्साहन मिलता है। स्मार्ट क्लास बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर सीखने के अधिक व्यावहारिक और प्रभावी अवसर उपलब्ध कराने में सहायक है।उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षण तकनीक का उद्देश्य केवल कक्षा में डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना नहीं, बल्कि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। जब विद्यार्थियों को विषयों को देखकर, सुनकर और समझकर सीखने का अवसर मिलता है, तो उनकी जिज्ञासा बढ़ती है और वे कक्षा की गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग लेते हैं। स्मार्ट क्लास के माध्यम से शिक्षण बच्चों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास और ज्ञान को व्यवहार में उपयोग करने की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
श्री गौड़ ने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे स्मार्ट क्लास सहित उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि प्रत्येक बच्चे को उसकी सीखने की आवश्यकता के अनुरूप बेहतर शैक्षिक अवसर मिल सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने पर भी जोर दिया, जिससे विद्यालयों में सीखने का वातावरण अधिक सकारात्मक, संवादपरक एवं बाल-केंद्रित बन सके।निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय एवं जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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