प्रेसवार्ता में अविनाश कुशवाहा ने कहा – 51,386 नाम काटे गए, डीएम को सौंपा ज्ञापन
सोनभद्र। विधानसभा क्षेत्र राबर्ट्सगंज की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने मतदाता सूची में 4180 दोहरे और फर्जी नाम होने की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। रविवार को अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है। उनके अनुसार चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के नाम पर राबर्ट्सगंज विधानसभा में विपक्ष के लगभग 51,386 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की आड़ में विधानसभा में 4180 ऐसे नाम जोड़े गए हैं जिनका नाम, पता, जन्मतिथि और उम्र एक ही है, लेकिन अलग-अलग ईपिक नंबर से वोटर लिस्ट में कई-कई बार दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि यह भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत को दर्शाता है। उनके नेता अखिलेश यादव पहले ही वोट चोरी का पर्दाफाश कर चुके हैं।
पूर्व विधायक ने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी सोनभद्र को पत्र सौंपा है। पत्र में समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि सोनभद्र की समस्त विधानसभाओं में एसआईआर के तहत काटे गए सभी मतदाताओं की फोटोयुक्त सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे कार्यकर्ता उसका भौतिक सत्यापन कर सकें।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि सभी बूथों पर मतदाता सूची की सघन जांच कराई जाए और बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए। जांच में दोहरे अथवा अपात्र नाम पाए जाने पर निर्वाचन नियमों के अनुसार कार्रवाई कर मतदाता सूची में सुधार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी भी अपात्र प्रविष्टि को नियम विरुद्ध बनाए न रखा जाए, यह सुनिश्चित करना आयोग और प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि नये मतदाताओं को जोड़ने के अभियान में कई बीएलओ द्वारा फार्म 6 जमा करने वाले मतदाताओं को रिसीविंग नहीं दी जा रही है। अंतिम समय में कई आवेदन कार्यालय द्वारा कूड़ेदान में फेंक दिए जाने की शिकायतें मिली हैं, जिससे कई बार फार्म जमा करने के बावजूद मतदाता मतदान से वंचित हो जाता है उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिला निर्वाचन अधिकारी इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
