जिलाधिकारी के आदेश पर ब्रिक लाइनिंग कार्य में ईंटों की गुणवत्ता जांच हेतु सैंपल प्रयोगशाला भेजा गया

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रेरूआ पम्प नहर के आधुनिकीकरण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सतर्क,ठेकेदार को दी गई चेतावनी

*रिपोर्ट आने पर दोयम दर्जे की ईंटों की पुष्टि होने पर की जाएगी कड़ी कार्यवाही – जिलाधिकारी

चंदौली। विकास खण्ड बरहनी के ग्राम रेरूआ में संचालित 20 क्यूसेक क्षमता वाली रेरूआ पम्प नहर के आधुनिकीकरण हेतु ₹460.51 लाख की लागत से “रेरूआ पम्प नहर आधुनिकीकरण परियोजना” माह अक्टूबर 2024 से प्रारम्भ की गई थी। वर्तमान में परियोजना के अंतर्गत धनाइतपुर माइनर पर कार्य प्रगति पर है।

 कार्य  गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर  सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया, जिसमें प्रथम श्रेणी की ईंटों का प्रयोग पाया गया। हालांकि, दिनांक 08 मई 2025 को प्राप्त एक वीडियो में दोयम दर्जे की ईंटों की आपूर्ति की संभावना जताई गई। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए सम्बन्धित ठेकेदारों—मैसर्स पूजा इंटरप्राइजेज एवं मैसर्स धीरेन्द्र विक्रम सिंह—से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया है कि यदि कार्यस्थल पर निम्न गुणवत्ता की ईंटें पाई गई हों, तो उन्हें तत्काल हटवाकर प्रथम श्रेणी की ईंटों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पूर्व में कराए गए ब्रिक लाइनिंग कार्यों की गुणवत्ता की जाँच हेतु सैम्पल टेस्ट रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।

यदि ठेकेदारों द्वारा उपर्युक्त निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जाता है अथवा जांच में दोयम दर्जे की ईंटों की पुष्टि होती है, तो अनुबन्ध की शर्तों के तहत उनके भुगतान से 1% की पेनाल्टी राशि कटौती की जाएगी। साथ ही भविष्य में यदि इस प्रकार की पुनरावृत्ति होती है तो सम्बन्धित ठेकेदारों के विरुद्ध अनुबंध रद्द करने, जमानत राशि जब्त करने व ब्लैकलिस्ट किए जाने जैसी कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

जिला प्रशासन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व पारदर्शिता को लेकर पूर्णत: प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनुबंध उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।

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