एनटीपीसी कवास ने सीएसआर नीति के तहत पिंजरत प्राथमिक विद्यालय में STEM लैब की स्थापना की

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सूरत। एनटीपीसी कवास द्वारा नैगम सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) नीति के तहत 20 मार्च 2025 को पिंजरत सरकारी प्राथमिक विद्यालय में अत्याधुनिक STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) लैब का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया गया। यह उद्घाटन एनटीपीसी कवास के परियोजना प्रमुख सुरेश जॉन डेविड के कर कमलों द्वारा किया गया। 

उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए परियोजना प्रमुख  डेविड ने लैब की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारी सीएसआर पहल के तहत स्थापित की गई इस प्रयोगशाला छात्रों के जीवन में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने में सहायक साबित होगी। इस लैब में उपलब्ध कराए गए आधुनिक उपकरण न केवल छात्रों की बौद्धिक क्षमता को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि उनकी वैज्ञानिक सोच को भी नई दिशा प्रदान करेंगे। इस प्रयोगशाला के माध्यम से छात्र विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और शोध जैसे क्षेत्रों में प्रवेश के लिए स्वयं को बेहतर ढंग से तैयार कर सकेंगे।”

गौरतलब है कि करीब 80 तरह के आधुनिक मॉडलों वाली इस स्टेम लैब को बेंगलूरु की एजेंसी एक्सपेरीफन द्वारा तैयार किया गया है। इस एजेंसी ने लैब की स्थापना के साथ ही साथ पिंजरत क्लस्टर के 13 स्कूलों के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया, ताकि वे 400 से अधिक छात्रों को समझाने में पूरी तरह से सक्षम हों। यही नहीं, प्रयोगशाला की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए छह महीने में एजेंसी द्वारा फिर से प्रशिक्षण और मूल्यांकन भी किया जाएगा।  

स्टेम लैब के उद्घाटन के मौके पर परियोजना प्रमुख के साथ-साथ स्वाति महिला मंडल-एनटीपीसी कवास की अध्यक्षा श्रीमती शनीजा एम. जॉर्ज और एनटीपीसी कवास के अपर महाप्रबंधक (एचआर)  संजीत कुमार मिंज भी उपस्थित रहे। पिंजरत क्लस्टर के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, छात्र और अभिभावकों ने भी इस विशेष अवसर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 

पिंजरत प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर  तखट भाई पटेल ने इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “पहले पढ़ाई केवल सैद्धांतिक रूप तक सीमित थी क्योंकि प्रैक्टिकल मॉडल की कमी थी। एनटीपीसी कवास की इस स्टेम लैब की स्थापना के साथ अब छात्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी को व्यावहारिक रूप में देख और समझ सकेंगे, जो उनकी जिज्ञासा और खोज की भावना को प्रोत्साहित करने में सहायक होगी।”

श्री पटेल ने आगे कहा, “हमारे विद्यालय की एनटीपीसी से दूरी होने के कारण लैब की आवश्यकता महसूस हो रही थी, ऐसे में इसे साकार करना कठिन था। इस लैब की स्थापना से हमारे छात्रों के विकास को गति मिलेगी। ऐसी प्रयोगशालाएं और मॉडल छात्रों के नामांकन में वृद्धि का कारण भी बनेंगे।

एनटीपीसी कवास, सूरत जिले के हजीरा क्षेत्र में स्थित है। यह 656.2 मेगावाट (2 सीसी मॉड्यूल) की स्थापित क्षमता वाला एक कंबाइंड साइकल गैस विद्युत संयंत्र है। इसके अतिरिक्त, एनटीपीसी कवास ने नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं, जिसमें 56 मेगावाट का सोलर पीवी परियोजना (31 मेगावाट ग्राउंड-माउंटेड और 25 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर) शामिल है। इस प्लांट द्वारा जनवरी 2023 में पीएनजी परियोजना के साथ भारत की पहली ग्रीन हाइड्रोजन ब्लेंडिंग परियोजना को भी सफलतापूर्वक शुरू किया गया। इन उपलब्धियों के साथ, एनटीपीसी कवास के पास गुजरात का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट होने का भी गौरव है।

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