करीमनगर । एनटीपीसी रामागुंडम और तेलंगाना के स्टेज-I क्लोरिनेशन प्लांट में क्लोरीन रिसाव पर एक मल्टी-एजेंसी मेगा मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस अभ्यास में क्लोरीन के बड़े रिसाव और उससे होने वाले भारी नुकसान की स्थिति को दर्शाया गया, ताकि आपातकालीन तैयारियों, प्रतिक्रिया तंत्र (रिस्पॉन्स मैकेनिज्म) और विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल का आकलन किया जा सके।
आपातकालीन स्थिति की सूचना मिलते ही, सबसे पहले मौके पर पहुंची CISF फायर विंग ने तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिए। इस अभ्यास में NDRF टीम, CISF सुरक्षा टीम, राज्य अग्निशमन सेवा, राज्य पुलिस और रामागुंडम व तेलंगाना की आपदा प्रबंधन योजना (DMP) टीमों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस ड्रिल के जरिए आपातकालीन प्रतिक्रिया समय, बचाव और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारियों, आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता, तथा भाग लेने वाली एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल और संचार व्यवस्था का आकलन किया गया। टीमों ने मिलकर बचाव, निकासी और राहत कार्यों का प्रदर्शन किया और लगभग दोपहर 12:58 बजे इस अभ्यास को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इसके बाद, कमांडेंट सुश्री नवनीत कौर और GM (O&M) मनीष अग्रवाल की देखरेख में एक समीक्षा सत्र (डीब्रीफिंग सेशन) आयोजित किया गया। इसमें भाग लेने वाली टीमों की सक्रिय भागीदारी और उनके आपसी तालमेल की सराहना की गई, और कुल मिलाकर आपातकालीन प्रतिक्रिया संतोषजनक पाई गई।
इस मेगा मॉक ड्रिल से पहले, ED और HOP (R&T) श्री फैज़ तैयब की अध्यक्षता में एक ‘टेबलटॉप एक्सरसाइज’ (सैद्धांतिक अभ्यास) आयोजित की गई थी। इसमें सभी GM, CISF, NDRF, राज्य अग्निशमन सेवा और राज्य पुलिस के प्रतिनिधियों के साथ-साथ DMP टीम के प्रमुख सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आपातकालीन स्थिति के परिदृश्य, संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियों और आपदा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक तालमेल तंत्र पर चर्चा की गई। इन दोनों अभ्यासों के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि एनटीपीसी रामागुंडम और तेलंगाना अपनी आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने, त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कर्मचारियों और प्लांट की संपत्तियों की सुरक्षा की जा सके।
