चंदौली। जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति के संयुक्त बैठक जूम मीटिंग के माध्यम से जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा शासन से प्राप्त वृक्षारोपण लक्ष्य एवं तैयारियों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त सिंगल यूज प्लास्टिक के नियंत्रण एवं ठोस अपशिष्ट के पृथक्करण व अंतिम निस्तारण को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने समस्त नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा एवं अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया। प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग (रीयूज) के अभिनव प्रयास के तहत नदी, तालाब एवं धार्मिक स्थलों पर जल में तैरते कचरे को रोकने हेतु फ्लोटिंग ट्रैश बैरियर लगाने के प्रथम प्रयास पर चर्चा की गई। इस संबंध में जिला पंचायतीराज अधिकारी एवं संबंधित नगर निकायों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पूर्व वर्षों में किए गए वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और निगरानी करने के निर्देश भी दिए। जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा के दौरान सड़कों पर उड़ने वाली धूल (रोड डस्ट) को नियंत्रित करने, घरेलू एवं व्यावसायिक कचरे के समुचित निस्तारण, अवैध डंपिंग रोकने और निर्माण अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए। बैठक में प्लास्टिक कचरे की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित कराने और इसके लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजन की सहभागिता भी जरूरी है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने, लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने और स्वच्छता गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाने पर बल दिया गया। मीटिंग के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, प्रभागीय वनाधिकारी, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक् अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी गण उपस्थित रहे।
