राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के यातायात एवं कच्चा माल (टी एंड आरएम) विभाग के लोकोमोटिव शेड में 1 जून 2026 को दो डीजल लोकोमोटिवों का लोकार्पण किया गया। कार्यपालक निदेशक (संकार्य), बिस्वरंजन पल्लई द्वारा इन लोकोमोटिवों का औपचारिक लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएँ), आतिश चन्द्र सरकार, मुख्य महाप्रबंधक (अनुरक्षण), एसएस रोय्चौधुरी, मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत), दीपक रॉय, मुख्य महाप्रबंधक (टी एंड आरएम), कौशिक सुन्यानी सहित विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
इन दो लोकोमोटिवों में से आरएसपी कॉल नंबर 1428 को भारतीय रेल के गोल्डन रॉक वर्कशॉप, तिरुचिरापल्ली (त्रिची) में प्रथम आवधिक ओवरहॉल (पीओएच) के उपरांत पुनः सेवा में शामिल किया गया है। यह लोकोमोटिव वर्ष 2009 में आरएसपी में पहली बार चालू किया गया था। इसे 23 अक्टूबर 2025 को पीओएच हेतु भेजा गया था तथा 28 अप्रैल 2026 को वापस प्राप्त हुआ। इस पीओएच की अनुमानित लागत 4.40 करोड़ रुपये है।
गोल्डन रॉक वर्कशॉप में इस श्रेणी के लोकोमोटिवों का व्यापक पीओएच सामान्यतः प्रत्येक 8 से 9 वर्ष में किया जाता है। इस प्रक्रिया में लोकोमोटिव का पूर्ण विघटन, इंजन ब्लॉक की सर्विसिंग, सिलेंडर हेड एवं क्रैंकशाफ्ट की मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन, कंप्रेसर, अल्टरनेटर एवं रेक्टिफायर का ओवरहॉल, अंडरकैरेज एवं ट्रैक्शन मोटरों की मरम्मत, आवश्यकतानुसार पहियों की टर्निंग अथवा प्रतिस्थापन, लोड परीक्षण तथा संपूर्ण बॉडी की पुनः पेंटिंग शामिल होती है। औसतन आरएसपी के तीन लोकोमोटिव प्रतिवर्ष पीओएच हेतु गोल्डन रॉक भेजे जाते हैं। इस प्रक्रिया के बाद लोकोमोटिव लगभग नई स्थिति में आ जाता है तथा इसके सेवा जीवन में लगभग 8 से 9 वर्षों की वृद्धि होने की संभावना रहती है। दूसरा लोकोमोटिव, आरएसपी कॉल नंबर 1431, भारतीय रेल के बनारस लोकोमोटिव वर्क्स से प्राप्त एक नया लोकोमोटिव है, जिसकी लागत 10.63 करोड़ रुपये है। इन दोनों लोकोमोटिवों के आरएसपी के बेड़े में शामिल होने से संयंत्र के भीतर एवं बाहर निर्बाध परिचालन के लिए लोकोमोटिवों की उपलब्धता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
