प्रकृति प्रेमियों के लिए खुशखबरी, लखनऊ-दुधवा की यात्रा…..

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नवम्बर तक अब सिर्फ रू0 487 में

लखनऊ: आगामी छुट्टियों के बढ़ते आवागमन को देखते हुए लखनऊ के कैसरबाग बस स्टेशन से दुधवा नेशनल पार्क के लिए चल रही विशेष एसी 2X2 बस सेवा को अब पूरे नवम्बर महीने तक बढ़ा दिया गया है। 4 नवम्बर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई यह सेवा शुरुआती चरण में मात्र पंद्रह दिनों के लिए तय थी, लेकिन यात्रियों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया और लगातार बढ़ती मांग के मद्देनज़र विभाग ने इसे पूरे माह संचालित करने का निर्णय लिया है। इस विस्तार के साथ अधिक से अधिक प्रकृति प्रेमी और पर्यटक अब दुधवा की अद्वितीय हरियाली, समृद्ध वन्यजीव और शांत प्राकृतिक वातावरण की सहज एवं किफायती यात्रा का आनंद ले सकेंगे। 

यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि यूपीएसआरटीसी द्वारा उत्तर प्रदेश इको टूरिज़्म डेवलपमेंट बोर्ड के प्रस्ताव पर शुरू की गई, इस विशेष सेवा को वन विभाग का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त है। यह पहल दुधवा जैसे देश के सबसे समृद्ध और संवेदनशील वन्यजीव आवास तक पर्यटकों की सहज, सुरक्षित तथा किफायती पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आरामदायक सुविधाओं से परिपूर्ण यह बस सेवा उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है, जो सीमित समय में प्रकृति और वन्य जीवन का निकट से अनुभव करना चाहते हैं।

यह बस प्रतिदिन कैसरबाग से सुबह 08 बजे रवाना होती है और दोपहर 01ः30 बजे दुधवा नेशनल पार्क पहुंचती है। मात्र रू0 487 प्रति यात्री के किफायती किराये के साथ यह सेवा स्कूली बच्चों, अभिभावकों, वन्यजीव प्रेमियों, छात्र समूहों तथा प्रकृति के बीच अल्पावधि अवकाश बिताने के इच्छुक यात्रियों के लिए एक उपयुक्त एवं आकर्षक विकल्प बनकर उभरी है।

दुधवा का तराई वाला क्षेत्र बाघ, एक-सींग वाले गैंडे, हाथी, बारहसिंगा, घड़ियाल सहित 450 से अधिक पक्षी प्रजातियों का अभयारण्य माना जाता है। साल के पेड़ों वाले घने जंगल, फैले हुए जल-समृद्ध क्षेत्र और घास के मैदान इस पूरे परिदृश्य को भारत के सबसे संरक्षित और जीवंत प्राकृतिक आवासों में शामिल करते हैं। यही कारण है कि दुधवा आज परिवारों, प्रकृति प्रेमियों और युवकों के बीच एक पसंदीदा वन्य पर्यटन गंतव्य के रूप में लगातार लोकप्रियता हासिल कर रहा है।

उन्होंने बताया कि, “हाल के वर्षों में गैंडों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है और पूरे तराई क्षेत्र में अब ये पहले से अधिक संख्या में देखे जा रहे हैं। जब बच्चे और परिवार इतनी नज़दीक से जैव विविधता को देखते हैं तो उनमें संरक्षण के प्रति स्वाभाविक जागरूकता विकसित होती है। इस महीने लगभग 150 छात्र विस्टाडोम सफारी का आनंद ले चुके हैं और एसी बस सेवा का विस्तार और अधिक लोगों को दुधवा की अनोखी प्राकृतिक धरोहर दिखाने में मदद करेगा।”

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