राजातालाब के बेपानी हुए तालाब, घरों में गहराया पेयजल संकट

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*तालाबो के संरक्षण में बेईमानी हुई तो वह भी बेपानी हो गए, अब इसका खामियाजा घर-घर भुगतना पड़ रहा है।*विश्व पर्यावरण दिवस पर राजकुमार गुप्ता की ख़ास रिपोर्ट*

वाराणसी, राजातालाब। तहसील व आराजीलाईन ब्लॉक मुख्यालय के कचनार गांव में दम तोड़ रहा हैंडपंप और हर घर नल से जल योजना। मोटर से किसी तरह पानी निकाला जा रहा है। हैंडपंप और हर घर नल से जल पहुँचाने की योजना पानी नहीं दे पा रहे हैं जहां पानी बमुश्किल दो चार बाल्टी मिल भी रहा है वह भी दूषित। मोटर से किसी तरह पानी निकाला जा रहा है। जिन घरों में परिवार ज्यादा है वहां पानी की आपूर्ति के लिए समरसेबुल की जरूरत पड़ रही है। पानी का यह संकट सभी मोहल्लों में गहराता जा रहा है। अधिकतर जलाशय जर्जर दुर्दशाग्रस्त और अतिक्रमण के कारण सूख कर गंदगी व सीवरेज की शक्ल अख्तियार कर लिए हैं। प्यास बुझाने के लिए ग्रामीणों सहित मवेशियों को भटकना पड़ रहा है। लगातार क्षरण होने से यहाँ के अधिकतर जलाशयों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। इसका परोक्ष-अपरोक्ष रूप से फायदा जीव-जंतु और मनुष्य सभी को मिलता था। पर्यावरण की शुद्धता में जलाशयों का अहम योगदान है। जलाशय से ही भू-गर्भ का जलस्तर ठीक रहता है। शहरीकरण के जुनून में जलाशयों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया गया। यहां के अधिकतर जगहों पर जल श्रोतों पर कब्जा कर लिए गए है। जिससे जलाशय के आकार घट गए। चारो तरफ से बहकर आने वाले बरसात के पानी का स्त्रोत भी बंद कर दिया गया। जलाशयों में पानी एकत्र ही नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से गर्मी बढ़ते ही भू-गर्भ का जलस्तर सरक कर नीचे हो जा रहा है। हैंडपंप गाड़ने वाले व्यवसायी सुबास विश्वकर्मा की मानें तो दस साल पहले तक पानी का 100 से 120 फीट की गहराई में बेहतर मिलता था। अब ढाई सौ फीट से अधिक नीचे पानी फ्लो में मिल रहा है। इसलिए पुराने घरों के हैंडपंप से पानी कम व खारा निकल रहा है।

*युवकों ने लिया जल बचाने का संकल्प*

विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व संध्या पर सामाजिक सरोकार से जुड़े रहने वाले युवक जल संरक्षण के लिए आगे आ रहे है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार गुप्ता के नेतृत्व में युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ जलाशयों की सुरक्षा का संकल्प लिया। कहा कि जल संकट का दौर आने का संकेत मिल रहा है। समय रहते आम जन को जागरूक नहीं किया गया तो पानी के लिए तबाही मचेगी। हम सभी मिलकर एक-एक नागरिक में जागरूकता लाएंगे। तालाब, पोखरे और जलस्रोतों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सजग किया जाएगा। यह समस्या जागरूकता से खत्म होगी। लोगों ने ने बताया कि जलाशय को बचाने के लिए युवाओं को आगे लाया जाएगा।

इसके पहले उन्होंने अपने सांसद पीएम नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि यहां के तालाबों के जीर्णोद्धार करवाया जाएं। अंत में दलित बस्ती की महिलाओं ने लिकेज के पास पहुंचकर जल जीवन मिशन के प्रति अपना रोष जताते हुए कहा कि शीघ्रातिशीघ्र दूषित पानी की आपूर्ति सही कर हर घर को नल से जल पहुँचाने की ज़ोरदार मांग रखी अन्यथा आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है। इस दौरान राजकुमार गुप्ता, बृजजमोहन केशरी,श्रीनाथ गुप्त, कृष्ण मुरारी केशरी, रमेश गुप्ता, मोहन केशरी, राम बाबू केशरी, आदि लोग शामिल थे।

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