डॉ0 मुखर्जी ने देश की औद्योगिक नीति को तय करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था – मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय परिसर में स्थापित

उनकी प्रतिमा के सम्मुख चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आज यहां डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा के सम्मुख चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के महान सपूत, प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद, एक भारत श्रेष्ठ भारत के स्वप्नदृष्टा डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आज पावन पुण्यतिथि है। डॉ0 मुखर्जी ने अखण्ड भारत के लिए 23 जून, 1953 को अपना बलिदान दिया था। भारतीय जनसंघ के पहले अध्यक्ष के रूप में उन्होंने देश में नई राजनीतिक शुरूआत की। स्वतंत्र भारत में कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने देश को अपने विजनरी नेतृत्व से लाभान्वित कर देश की औद्योगिक नीति को तय करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। देश की खाद्य आवश्यकता की पूर्ति के लिए खाद्य मंत्री के रूप में उन्होंने बड़ी भूमिका निभायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1950 में देश में संविधान लागू हुआ। संविधान लागू होने के बाद तत्कालीन केन्द्रीय सरकार ने देश के संविधान में धारा-370 को जोड़कर राष्ट्रीय अखण्डता को गम्भीर चोट पहुंचाने का कुत्सित प्रयास किया था। देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान का उद्घोष करते हुए डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा कश्मीर में प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। हिरासत में ही 23 जून, 1953 को जम्मू-कश्मीर की जेल में उनका बलिदान हुआ। उन्होंने अपने पद से त्याग पत्र देकर देश की प्रतिष्ठा व अखण्डता के लिए कश्मीर में धारा-370 को हटाने के लिए एक व्यापक आन्दोलन प्रारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ0 मुखर्जी ने वर्ष 1953 में एक भारत, अखण्ड भारत और सुरक्षित भारत का सपना देखा था। इस सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 05 अगस्त, 2019 को केन्द्र सरकार ने कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करके, ‘एक देश में एक प्रधान, एक विधान व एक निशान’ की भावनाओं का सम्मान करने का जो कार्य किया, वह कश्मीर के लिए, देश की अखण्डता के लिए और देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपने आपको बलिदान करने वाले सभी हुतात्माओं के प्रति एक श्रद्धांजलि है। आज जम्मू-कश्मीर लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों के साथ भारत के संविधान की भावनाओं के अनुरूप एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।  

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