धार्मिक, आध्यात्मिक के साथ-साथ ईको पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा चित्रकूट – जयवीर सिंह

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11.77 करोड़ रुपए की लागत से चित्रकूट में ईको टूरिज्म पार्क बनेगा, 05 करोड़ रूपये की धनराशि जारी

लखनऊ: रामायण सर्किट का महत्वपूर्ण स्थल चित्रकूट, जल्द ही धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड रानीपुर टाइगर रिजर्व के निकट इको टूरिज्म थीम पार्क का निर्माण करेगा। सात एकड़ में बनने वाले इस भव्य पार्क के लिए 11.77 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 05 करोड़ रुपए जारी हो चुके हैं। 

उप्र. के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस परियोजना की जानकारी आज यहां दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक विशेष थीम पार्क विकसित किया जा रहा है। इस पार्क का उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाना और इको-फ्रेंडली पर्यटन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह पार्क पर्यावरण संरक्षण के अनुरूप बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्र की जैव विविधता सुरक्षित रहेगी। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पार्क में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इको लॉजेज का निर्माण किया जाएगा। प्राकृतिक सुगंध से भरपूर एक विशेष बगीचा तैयार किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के सुगंधित पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, स्थानीय और प्रसिद्ध व्यंजनों का आनंद लेने के लिए विशेष फूड कोर्ट/इको हट्स भी बनाए जाएंगे। पार्क की जैव विविधता को संरक्षित और समृद्ध करने के लिए सुंदर जलाशय का निर्माण किया जाएगा। पर्यटकों के लिए हरियाली से भरपूर एक केंद्रीय लॉन विकसित किया जाएगा, जहां वे प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें। साथ ही, विभिन्न ऋतुओं के अनुसार विशेष उद्यानों का भी विकास किया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए एक प्ले एरिया भी बनाई जाएगी, जिससे परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

श्री सिंह ने बताया कि इस पार्क के निर्माण से चित्रकूट आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। सरकार की यह पहल इको-फ्रेंडली पर्यटन को नई दिशा देगी और चित्रकूट को एक प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

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