*स्वर्गीय लरंग साय जी का जीवन जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास के लिए समर्पित रहा : मुख्यमंत्री श्री साय*
*बलरामपुर जिले को ₹202.65 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, 1,863 कार्यों का भूमिपूजन और 146 कार्यों का लोकार्पण*
*शंकरगढ़ में बनेगा बालक हायर सेकेंडरी स्कूल का नया भवन, चांदो में बड़े सामुदायिक भवन के निर्माण की घोषणा*
*स्वर्गीय लरंग साय जी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने प्रतिमा स्थल के समीप बनेगा भव्य स्मृति द्वार*
*सरगुजा अंचल सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास हमारी सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री साय*
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्री लरंग साय जी की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले को ₹202 करोड़ 65 लाख की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें ₹156 करोड़ 68 लाख के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹45 करोड़ 97 लाख के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी जनसेवा के प्रति समर्पित ऐसे जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, वंचितों, जनजातीय समाज और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया। अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सदैव जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। जनजातीय समाज के अधिकारों, सम्मान और विकास के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को समाजसेवा, समर्पण और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय लरंग साय जी के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने, तभी से उन्हें काका लरंग साय जी के निकट संपर्क में आने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि सांसद के रूप में दिल्ली में रहने के दौरान काका जी अक्सर उनके निवास पर आया करते थे और कई बार वहीं ठहरते थे। उन्होंने काका जी से कहा था कि जब भी वे दिल्ली आएँ, उनके लिए निवास पर एक कमरा हमेशा आरक्षित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ भी स्वर्गीय लरंग साय जी के अत्यंत आत्मीय संबंध थे। अटल जी उनका विशेष सम्मान करते थे। काका जी का सहज स्वभाव, सरल जीवन और जनता के प्रति समर्पण उनकी विशिष्ट पहचान थी। सार्वजनिक जीवन में उनके आदर्श हम सभी के लिए सदैव अनुकरणीय रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने शंकरगढ़ स्थित बालक हायर सेकेंडरी स्कूल के जर्जर भवन के स्थान पर नवीन विद्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही चांदो में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक बड़े सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा।
*स्वर्गीय लरंग साय जी का व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव प्रेरणादायी रहेगा : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े*
महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी जनजातीय समाज के प्रमुख नेता और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। भारतीय जनसंघ से जुड़े रहकर उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी नेतृत्व क्षमता, सहज व्यक्तित्व और आम जनता से गहरा जुड़ाव उनकी विशेष पहचान रही। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जनजातीय समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे उनका आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय गरीबों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में बलरामपुर जिले सहित पूरे सरगुजा अंचल में विकास और जनकल्याण के कार्यों को और गति मिलेगी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह, बब्रुवाहन महाराज, ओम प्रकाश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
