चट्टी बड़ियातू परियोजना बनी कोल क्षेत्र की अग्रणी ताकत

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वित्त वर्ष 2024-25 में ऐतिहासिक उपलब्धियां, हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित


हजारीबाग। चट्टी बड़ियातू कोल माइनिंग प्रोजेक्ट (CBCMP) ने वित्त वर्ष 2024-25 में 4.56 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर 38.05% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की। कोयला डिस्पैच 4.83 मिलियन टन रहा (53.98% वृद्धि), जबकि क्रशिंग 4.87 मिलियन टन तक पहुंची। टॉपसॉइल और ओबी हटाने का कार्य 7.18 मिलियन क्यूबिक मीटर तक पहुंचा।

CB माइंस से केरंदारी TP1 तक CHP निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। 3.6 किमी लंबी हॉल रोड का संचालन मार्च 2025 से शुरू हुआ। इस वर्ष कुल 830 रेक्स की डिस्पैच हुई, जिसमें जनवरी 2025 में रिकॉर्ड 84 रेक्स भेजी गईं।

AMSW 2024 में परियोजना को 1900 में से 1900 अंक मिले और तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए। साथ ही PRCI और PRSI द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में पर्यावरणीय एवं सामाजिक श्रेणियों में CBCMP को कई पुरस्कार मिले। MoC द्वारा 4-स्टार रेटिंग भी प्रदान की गई।

CBCMP ने ₹5.02 करोड़ हजारीबाग DFO को जमा किए और टीबी मुक्त भारत अभियान में ‘निक्षय मित्र’ के रूप में योगदान दिया। CSR मद से ₹4.07 करोड़ खर्च किए गए, जिससे कुल CSR व्यय ₹26 करोड़ तक पहुंचा।


PAP युवाओं के लिए कौशल विकास, टीबी मरीजों को पोषण किट, RO सिस्टम, चिकित्सा शिविर, स्कूल बैग वितरण, विकलांगों को उपकरण, महिला प्रशिक्षण एवं सौर लैंप वितरण जैसी पहलों ने सामाजिक बदलाव को बल मिला 

CBCMP ने आगामी वर्ष में 7 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा है। परियोजना टीम ने ऊर्जा उत्पादन को पर्यावरणीय और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ संतुलित रखने का संकल्प दोहराया है।

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