खुर्जा । मंगलवार को टीएचडीसी की खुर्जा परियोजना में कार्यरत निर्माण श्रमिकों के लिए BOCW (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम) के अंतर्गत एक विशेष पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में लगे कामगारों को सरकारी कल्याणकारी सुविधाओं और सुरक्षा तंत्र से सीधे जोड़ना है। इस शिविर के माध्यम से श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें प्रणाली का हिस्सा बनाने का प्रयास किया गया।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिशु एवं मातृत्व सहायता, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना और कन्या विवाह सहायता योजना प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता और आपदा राहत सहायता जैसी योजनाएं श्रमिकों को विषम परिस्थितियों में संबल प्रदान करती हैं। इन सभी लाभों को प्राप्त करने के लिए BOCW अधिनियम के तहत पंजीकरण अनिवार्य है।
पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद श्रमिक न केवल उत्तर प्रदेश सरकार, बल्कि भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पात्र हो जाते हैं। इसके अंतर्गत पंजीकृत कामगारों को नियमित अवकाश, जीवन बीमा और उनके परिवार व बच्चों के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभ सुनिश्चित किए जाते हैं। खुर्जा परियोजना प्रबंधन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समय-समय पर ऐसे शिविरों का आयोजन हो, ताकि कोई भी पात्र श्रमिक इन लाभों से वंचित न रहे। इस शिविर के सफल आयोजन में टीएचडीसी (THDC) की मानव संसाधन टीम और बुलंदशहर के श्रम विभाग के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। बुलंदशहर के कार्यवाहक श्रम आयुक्त ने इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए अपनी शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर अरविन्द कुमार धीमान (श्रम प्रवर्तन अधिकारी, बुलंदशहर), दिलीप कुमार द्विवेदी (उप महाप्रबंधक, मानव संसाधन एवं प्रशासन) और सूर्य नारायण सिंह (सहायक प्रबंधक) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
