ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने से गांवों के विकास कार्यों को मिलेगी नई गति : सुरेंद्र दिलेर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत व्यवस्था को सुचारु और प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वर्तमान ग्राम प्रधानों को अस्थायी रूप से ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 27 मई से प्रभावी होगी तथा नई ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक तक लागू रहेगी। राजस्व मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय गांवों के विकास और पंचायतों की प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव, गरीब और किसानों के हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। अगर पंचायतों में प्रशासनिक रिक्तता आती तो विकास कार्य प्रभावित हो सकते थे। ऐसे में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने से गांवों में चल रही सड़क, नाली, स्वच्छता, पेयजल, मनरेगा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं बिना बाधा जारी रहेंगी। राजस्व मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के 57,694 ग्राम प्रधानों को नई जिम्मेदारी और सम्मान प्राप्त हुआ है। यह मुख्यमंत्री जी का ग्राम पंचायतों एवं ग्रामीण नेतृत्व के प्रति विश्वास दर्शाता है।उन्होंने अधिकारियों को पंचायत कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को और अधिक मजबूत एवं जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
