धनबाद ।बीसीसीएल के कोलियरी प्रबंधन दल द्वारा नियमित निरीक्षण के दौरान केन्दुआडीह स्थित पुराने जीएम बंगले के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-32 (एनएच-32) पर एवं उसके आर-पार कुछ सतही दरारों का विकसित होना संज्ञान में आया। यह वही स्थान है जहाँ दिनांक 3 दिसंबर 2025 को गैस उत्सर्जन की घटना दर्ज की गई थी, जिसके नियंत्रण हेतु बीसीसीएल द्वारा विशेषज्ञ संस्थानों के सहयोग से निरंतर वैज्ञानिक प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीसीसीएल ने तत्परता एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया, जिसके फलस्वरूप एहतियाती उपाय के रूप में संबंधित सड़क खंड को तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध कर बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उल्लेखनीय है कि 05.04.2026 को पुराने जीएम बंगले परिसर में भूगर्भीय-अग्निजनित धंसान के कारण उत्पन्न दरारें समीपवर्ती दुकानों तक विस्तारित हो गई थीं। इसके अतिरिक्त, केन्दुआडीह के समीप एनएच-32 के इस हिस्से को महानिदेशक खान सुरक्षा (DGMS) द्वारा पूर्व में ही भू-तकनीकी दृष्टि से अस्थिर घोषित किया जा चुका है।
बीसीसीएल द्वारा इस क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा जोखिम न्यूनीकरण हेतु सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सड़क की स्थिरता के वैज्ञानिक आकलन एवं दीर्घकालिक समाधान के निर्धारण हेतु आईआईटी (आईएसएम), धनबाद को विस्तृत अध्ययन के लिए संलग्न किया जा रहा है। संस्थान द्वारा प्रस्तुत तकनीकी अनुशंसाओं के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बीसीसीएल प्रबंधन ने पुनः स्पष्ट किया है कि कर्मियों एवं आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी द्वारा संबंधित सभी एजेंसियों एवं विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समन्वित प्रयास करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में सतत कार्य किया जा रहा है।
जनसामान्य से अपील की जाती है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र से दूर रहें एवं जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। बीसीसीएल द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधों को और सुदृढ़ करते हुए स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
