BILASPUR

एनटीपीसी कोलडैम ने आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रदान किए गैस चूल्हे

विलासपुर।एनटीपीसी कोलडैम द्वारा अपने नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यों के अंतर्गत दिनांक 8 अक्तूबर 2025 को हरनोड़ा सर्कल में पोषण…

LUCKNOW

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ में जीएसटी बचत उत्सव एवं आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

जीएसटी कर सुधार से देश की अर्थव्यवस्था बनेगी मजबूत – ए. के. शर्मा  *देश को विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने के…

NEW DELHI

रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने अमृतसर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की समीक्षा की

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अमृतसर रेलवे स्टेशन का किया जा रहा है पुनर्विकास   नई दिल्ली । रेल एवं…

RANCHI

जनसंपर्क का नया अध्याय:सीसीएल में ‘नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025’ का भव्य शुभारंभ

नेशनल पीआर कॉनक्लेव–2025’ : संवाद, विश्वास और नई सोच का संगम* राँची।सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) द्वारा आयोजित “नेशनल पीआर कॉनक्लेव–…

AURANGABAD

एनटीपीसी नबीनगर ने चलाया ग्रामीण बालिकाओं के लिए जागरूकता अभियान

औरंगाबाद । एनटीपीसी नबीनगर ने ग्रामीण बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का आयोजन किया। नबीनगर के शिवनपुर…

Latest News

राजातालाब चौराहे पर यात्री प्रतीक्षालय-शौचालय नहीं, खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार

वाराणसी: राजातालाब तहसील व आराजीलाईन ब्लॉक के पास राजमार्ग 19 राजातालाब चौराहे पर यात्री प्रतीक्षालय-शौचालय नहीं होने के कारण यात्रियों…

RAIPUR

धान खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन अनिवार्य : किसान 31 अक्टूबर तक करा सकेंगे पंजीयन

एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर कर सकते हैं संपर्क             रायपुर,  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर संपर्क किया जा सकता है। एग्रीस्टैक पोर्टल भारत सरकार द्वारा विकसित एक यूनिफाइड एग्रीकल्चर डेटाबेस है, जिसमें किसानों का भूमि एवं आधार लिंक्ड पंजीयन किया जाता है। पंजीकरण उपरांत किसानों को एक यूनिक फार्मर आईडी (Unique Farmer ID) प्राप्त होती है। यह आधार लिंक्ड डेटाबेस शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभ केवल वास्तविक पात्र किसानों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत किसानों को सीधे भुगतान किया जाता है। अतः शासन की मंशा है कि सभी पात्र किसान सुशासन एवं पारदर्शिता के साथ इस योजना का वास्तविक लाभ प्राप्त करें। एग्रीस्टैक में आधार-आधारित पंजीयन और ई-केवाईसी की व्यवस्था से संपूर्ण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, सटीकता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित होगा। गत वर्ष राज्य के 25.49 लाख किसानों ने धान विक्रय किया था। वर्तमान वर्ष में अब तक 21.47 लाख किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। शेष किसान अपने निकटतम सहकारी समिति या निर्धारित केंद्र में जाकर 31 अक्टूबर 2025 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। इस संबंध में सभी समितियों और जिला कलेक्टरों को पूर्व में आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि एग्रीस्टैक पोर्टल डिजिटल क्रांति की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सटीक और किसान हितैषी बनाएगा। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष राज्य के 20 हजार ग्रामों में से 13 हजार 879 ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे किया गया है। इस डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैनुअल गिरदावरी की रिपोर्टों का 2 से 14 अक्टूबर 2025 तक ग्राम सभाओं में पठन किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में मुनादी कर सूचना दी गई है और सर्वे सूची का पंचायत भवनों में प्रदर्शन (चस्पा) भी किया गया है। इस कार्यवाही की सतत निगरानी जिला कलेक्टर, खाद्य अधिकारियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है। यह पहल “डिजिटल एग्रीकल्चर और गुड गवर्नेंस” की दिशा में राज्य का एक सशक्त और दूरदर्शी कदम है।