मनोज पांडेय
प्रयागराज। महेश अवस्थी के साहित्यिक अवदान पर परिचर्चा, सम्मान एवं कविगोष्ठी प्रयागराज, २० अप्रैल २०२६ सोमवार को रामायण मेला समिति प्रयागराज एवं भारतीय सांस्कृतिक परिषद् तथा अन्तर्राष्ट्रीय भगवान परशुराम सेना ट्रस्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में अक्षय तृतीया महोत्सव का आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। समारोह के सारस्वत अतिथि जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी नारायणाचार्य श्रृंगवेरपुर की गरिमामय उपस्थिति में मंचस्थ मनीषियों द्वारा दीप जलाकर भगवान परशुराम एवं डां महेश अवस्थी के चित्र पर माल्यार्पण द्वारा कार्यक्रम का श्रीगणेश किया गया। इसके अपरान्त सरस्वती बन्दना की स्वरलहरी में कमला प्रसाद गिरि ने अपना कौशल दिखाया। कार्यकम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए हुए महामंत्री डॉ शंभु नाथ त्रिपाठी ‘अंशुल’ ने सभागत अतिथियों का वाचिक स्वागत एवं भारतीय सांस्कृतिक परिषद् के महानगर अध्यक्ष सतीश कुमार गुप्त ने माल्यार्पण कर अभिनन्दित किया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृतिक परिषद द्वारा प्रकाशित नवीन पर्वपत्र का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया तथा प्रत्येक व्यक्ति को यह पर्वपत्र वितरित किया गया।
आयोजन के प्रथम सत्र में डॉ भगवान प्रसाद उपाध्याय, डॉ राम लखन, चैरदसिया ‘वागीश’ एवं जयामोहन को उनके बी.बी.एस.सी. पाठ्यक्रम में चयनित होने की खुशी में समिति द्वारा अंगवस्त्र, माला एवं ग्रंथ भेंट कर प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कालेज सुरेश चन्द्र तिवारी ने किया। साथ ही यमुनापार क्षेत्र में भारतीय सनातन संस्कृति एवं परम्पराओं को जीवन्त बनाने हेतु संक्रिय योगदान के लिए जगदम्वा प्रसाद शुक्ल व गजेन्द्र सिंह को भी उक्त सम्भरणों द्वारा समादृत किया गया।
द्वितीय सत्र में डॉक्टर महेश अवस्थी के साहित्यिक अवदानों पर केंद्रित विचार संगोष्ठी में डॉक्टर वीरेंद्र कुमार तिवारी, विवेक सत्यांशु, डॉक्टर भगवान प्रसाद उपाध्याय, जगदंबा प्रसाद शुक्ल अंतरराष्ट्रीय भगवान परशुराम सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी राजेंद्र कुमार तिवारी ‘दुकान जी’ एवं भारतीय सांस्कृतिक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश दुबे, वरिष्ठ कवि राम मिश्र, तलब जौनपुरी सहित महानगर अध्यक्ष सतीश कुमार गुप्त ने विराट विचार प्रस्तुत करते हुए अवस्थी की सादगी, शालीनता, वैदुष्य सहकार तथा साहित्यिक अवदानों पर प्रकाश डाला। तृतीय सत्र में उपस्थित रचनाकारों ने काव्य पाठ किया जिसमें सर्व कमलाप्रसाद गिरि, के पी, राम मिश्र, तलब जौनपुरी, शिवराम उपाध्याय ‘मुकुल मतवाला’, डॉ० वीरेंद्र कुमार तिवारी, विवेक सत्यान्शु, जगदम्बा प्रसाद शुक्ल भगवान प्रसाद उपाध्याय, बाजेन्द्र सिंह, जया मोहन चौरसिया, ‘वागीश’, डॉ० शम्भु नाथ त्रिपाठी ‘अंशुल’ आदि का नाम उल्लेखनीय है। अपने सम्बोधन में आयोजक सुरेश चन्द्र तिवारी ने कार्यक्रम को मुक्त कण्ठ से सराहना कर इस काल सापेक्ष सिद्ध किया। सारस्वत अतिथि नारायणाचार्य ने सनातन संस्कृति की सम्प्रतिष्ठा में ऐसे आयोजनों प्रसार प्रचार होने पर बला दिया । समस्त कार्यक्रम का संचालन डॉ० शम्भुनाथ त्रिपाठी ‘अंशुल’ एवं आभार ज्ञापन सतीश कुमार गुप्त ने किया।
