मिशन शक्ति अभियान के तहत बालिकाओं का 3 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रारम्भ

Spread the love

आशा ट्रस्ट एवं रेड ब्रिगेड ट्रस्ट की संयुक्त पहल,आशा ई लाइब्रेरी में दिया जा रहा है बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण

बालिकाओं के आत्मनिर्भर व आत्मविश्वासी बनने के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण जरूरी : वल्लभाचार्य पाण्डेय

चौबेपुर, वाराणसी/ मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट और रेड ब्रिगेड ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शिविर का शुभारम्भ भंदहा कला ग्राम स्थित आशा ई लाइब्रेरी एवं स्टडी सेंटर पर किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में विभिन्न गाँवों की 48 बालिकाये शामिल हैं ।

महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों पर कार्य कर रही प्रतिष्ठित संस्था रेड ब्रिगेड ट्रस्ट के प्रशिक्षक दल द्वारा मुसीबत के समय आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए । शिविर के दौरान बालिकाएं अपनी सुरक्षा को लेकर जानकारी व प्रशिक्षण प्राप्त कर काफी उत्साहित नजर आई। अपनी सुरक्षा को लेकर बालिकाएं इस प्रकार के प्रशिक्षण बार बार प्राप्त करने को आतुर होती नजर आई। प्रशिक्षकों ने लोअर किक, मिडिल किक, अपर किक, सीजर किक आदि के बारे में बताया । इसके अलावा एक बालिका का किसी व्यक्ति द्वारा गला या हाथ पकड़ने पर अपने आप को छुड़ाने, पीछे से पकड़ने पर अपने आप को त्वरित छुड़ाने जैसे सुरक्षा के गुर बताए गये। लघु फ़िल्म और समूह चर्चा के माध्यम से भी इस विषय पर सचेत किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में रेड ब्रिगेड ट्रस्ट के संयोजक ने अजय पटेल ने बताया कि स्कूल आते जाते समय छेड़खानी और दुर्व्यवहार जैसी घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं ऐसे में स्कूली बच्चियों को आत्म रक्षा हेतु प्रशिक्षित करने के लिए इस प्रकार के शिविर नियमित किये जाने की जरूरत है।
आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिलाने का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर व आत्मविश्वासी बनाना है जिससे किसी भी प्रकार की विपरीत परिस्थिति होने पर वे घबराएं नही और अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें। रेड ब्रिगेड की प्रशिक्षिका तंजीम और आरती ने बहुत ही रोचक और वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण प्रदान किया । कार्यशाला आयोजन की व्यवस्था प्रमुख रूप से प्रदीप सिंह, सौरभ चन्द्र, मिथिलेश दुबे, नीता दुबे, सरोज सिंह, महेश कुमार का विशेष सहयोग रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *