आगामी मोहर्रम के त्यौहार पर शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु बैठक संपन्न

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*बैठक में जनपद के धार्मिक गुरुओं, प्रबुद्धजनों एवं संभ्रान्त नागरिकों से सीधा संवाद कर त्योहारों पर आपसी सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग का किया गया आह्वान*

 चन्दौली/ जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक पुलिस लाइन के सभागार में की गई ।जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक सदर ने सभी धर्म गुरुओं और संभ्रांत लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपसी प्रेम सद्भाव और सौहार्द के साथ त्योहार को मनाएं। साथ ही नगर पालिका प्रशासन तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि वह शहरी व ग्रामीण इलाकों में साफ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखें, जिससे मोहर्रम और कावड़ यात्रा के दौरान किसी को भी असुविधा न हो। समस्त धर्म गुरुओं और संभ्रांत व्यक्तियों से निवेदन किया गया यदि कोई भी अराजक तत्व शांति व्यवस्था में खलल डालता है, तो उसके बारे में तत्काल पुलिस तथा प्रशासन को अवगत कराएं, जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी भ्रामक खबरों को प्रसारित करने से बचें और किसी भी प्रकार की सूचना आदि उन्हें प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दें, ताकि उस सूचना की जांच करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जा सके। मोहर्रम के जुलूस में कोई भी प्रतिबंधित हथियार नए प्रकार के जुलूस में नहीं लाए जाएंगे। सरकारी भवनों में काले झंडे नहीं लगेंगे। कोई भी नारेबाजी नहीं होगी। ताजिया सड़कों पर नहीं रखी जाएंगी।  

जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग द्वारा बताया गया कि निर्धारित रूट पर ही जुलूस निकाला जाए एवं जुलूस के दौरान किसी प्रकार का अस्त्र व शस्त्र का प्रयोग वर्जित है । उक्त त्यौहार पर कोई नई परंपरा कायम नहीं की जाए। इसके अनुपालन में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपर पुलिस अधीक्षक सदर ने धर्मगुरुओं एवं संभ्रांत लोगों से संवाद करते हुए कहा मोहर्रम जुलूस के समय विषय में लोगों को जागरूक करें। उन्होने बताया ताजिया निकालने का जो रूट है उस व्यवस्था में बदलाव न की जाए। परंपरागत तरीके से ही त्यौहार को मनाएं व ताजिया परंपरागत रूप से निकाली जाए। जुलूस सामान्य रूप से निकाली जाय। जुलूस निकलने का समय निर्धारित किया जाए कि जुलूस कब शुरू होगा और कब समाप्त होगा तथा उसका कड़ाई से पालन भी किया जाए। त्यौहार परंपरागत रूप से मनाया जाए। बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह या गलत मैसेज फैलाया जाता है. इसके लिये गठित  सोशल मीडिया टीम द्वारा विशेष निगरानी बरती जा रही है। युवाओं पर खास पैनी नजर रहेगी। असामाजिक तत्वों पर निगरानी अपेक्षित है. ताकि विधि-व्यवस्था प्रभावित नही हो सकें। दूसरे समुदाय के भावना का ख्याल रखना अपेक्षित है। हमें गर्व है कि हमारे जिला का इतिहास काफी स्वर्णिम है. यह जिला सभी धर्मों के सभी पर्वों में आपसी भाईचारा के साथ एक-दूसरे को सहयोग कर पर्व मनाते है।

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