झंडा दिखाकर रवाना करने का समारोह युवा प्रशिक्षुओं के लिए एक आशाजनक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक
राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र ने अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के रोजगार संवर्धन कौशल कार्यक्रम के तहत 30 पर्श्वांचल युवाओं को केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईपीईटी), भुवनेश्वर में छह महीने के कौशल विकास आवासीय पाठ्यक्रम के लिए प्रायोजित किया है। पर्श्वांचल विकास संसथान के सीएसआर विभाग में आयोजित विदाई समारोह में, मुख्य महाप्रबंधक (प्लेट मिल), एतवा उराँव ने छात्रों को भुवनेश्वर ले जाने वाली बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे उनके करियर विकास में एक रोमांचक नए चरण की शुरुआत हुई। इस अवसर पर महाप्रबंधक प्रभारी (सीएसआर), सुश्री मुनमुन मित्रा, महाप्रबंधक (सीएसआर), बी मल्लिक, सहायक महाप्रबंधक (सीएसआर), टी बी टोप्पो, सीआईपीईटी प्रतिनिधि विश्वजीत बेउरिया, और विभाग के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

इससे पहले, ब्रीफिंग सत्र में बोलते हुए, उराँव ने छात्रों को इस अवसर का सर्वोत्तम उपयोग करने और सफल करियर के लिए अपने कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
ब्रीफिंग सह परामर्श सत्र के दौरान, बेउरिया ने सीआईपीईटी द्वारा उपलब्ध पाठ्यक्रम के दायरे, भविष्य की संभावनाओं और सुविधाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
समारोह की शुरुआत सुश्री मुनमुन मित्रा के स्वागत भाषण से हुई और टी बी टोप्पो द्वारा प्रस्तावित धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन हुआ। प्रबंधक (सीएसआर), सुश्री ऋचा सुधीरम इस कार्यक्रम की संचालिका थीं ।
वर्ष 2021-22 में आरएसपी के सीएसआर विभाग द्वारा शुरू की गई पहल पार्श्वांचल क्षेत्रों के युवा व्यक्तियों के रोजगार कौशल को बढ़ाने पर केंद्रित है। मशीन ऑपरेटर – प्लास्टिक प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम घरेलू, औद्योगिक और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों जैसे प्रमुख उद्योगों में उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें केंद्र में उपलब्ध अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का उपयोग करके डिजाइनिंग, मोल्डिंग और अंतिम उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण शामिल है।
कक्षा दसवीं उत्तीर्ण की न्यूनतम योग्यता वाला कोई भी उम्मीदवार प्रशिक्षण के लिए पात्र है। यह पहल शतप्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी भी देती है, जिससे पाठ्यक्रम के सफल समापन पर प्रशिक्षुओं के लिए एक सुरक्षित कैरियर मार्ग प्रदान होता है। आरएसपी कार्यक्रम की पूरी लागत वहन करेगा जिसमें खाना, रहना, यूनिफॉर्म और ट्यूशन फीस शामिल है। इसकी शुरुआत से लेकर वर्तमान बैच सहित अब तक, 160 पर्श्वांचल युवा इस परियोजना से लाभान्वित हुए हैं।
