सोनभद्र। कार्तिक पक्ष की त्रयोदशी यानी 6 नवम्बर से पांच दिनी दीप पर्व की शुरूआत हो गयी है। धनतेरस से लेकर भैया दूज तक पांच पर्वों का उत्साह रहेगा। 6 नवम्बर को धनतेरस या त्रयोदशी को यम की प्रसन्नता के लिए घर के द्वार पर निशामुख दीपदान किया जायेगा। इसी दिन गोत्रि रात्रि ब्रत और लक्ष्मी उपासना भी प्रारम्भ होगी। बर्तन, आभूषणों सहित मूल्यवान धातुओं की खरीद की जायेगी। आरोग्य सबसे बड़ा धन है सो भगवान धनवंतरि भी पूजे जायेंगे।
नरक चतुर्दशी पर 7 नवम्बर को यम की प्रसन्नता हेतु अन्न के ढेर पर दीप जलायेंगे। घूरे और कूड़े पर भी दीप जलाया जायेगा। छोटी दीपावली पर वंश वृद्धि और आयुष तथा मंगलकामना के लिए भीष्म के निमित्त तर्पण के साथ हनुमान की पूजा की जायेगी। रात में लक्ष्मी-गणेश का आह्वान कर उन्हें पूजा स्थल पर आसन मंदिर दीप मालाओं से जगमग होगा। कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 9 नवम्बर को गोवर्धन पूजन और अन्नकूट जबकि 10 नवम्बर को भइया दूज का पर्व मनाया जायेगा। इसी दिन कायस्थ समाज के लोग भगवान चित्रगुप्त एवं कलम-दवात का पूजन भी करेंगे।
घरों की साफ-सफाई में जुटे हैं लोग-
दीपोत्सव पर्व दीपावली के एकदम करीब आते ही घरों तथा देवताओं की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य तेज हो गया है। सभी लोगों की कोशिश है कि त्यौहार के पहले यह काम खत्म हो जाये। तमाम लोग तो अपने घरों एवं मंदिरों को रंग-बिरंगी विद्युत झालरों सजाने में जुटे हुए हैं। कई लोगों का घर तो रोशनी से जगमग हो रहा है।
दीपावली सामानों की सजी दुकानें-
दीपावली सामानों की दुकानें सज गयी हैं। घीरे-घीरे खरीदारी भी लोग करने लगे हैं। धनतेरस को लेकर वर्तन आदि की दुकानों पर लोगों की भीड़ खरीददारी करती देखी जा रही है। लाई, चुड़ा, कैलेण्डर, मिट्टी के निर्मित दीये, चीनी से बनी हाथी-घोड़ा घरिया की मिठाईयों की अस्थाई दुकानें भी बाजार में सजकर तैयार है। पटाखे, फूलझड़ी इत्यादि आतिशबाजी की सामगियों के साथ ही मोमबत्ती रूई भी बिक रही है।
