संरक्षित रेल संचालन एवं शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को प्राप्त करने पर दिया गया विशेष जोर
सेमिनार में रनिंग एवं परिचालन विभाग के लगभग 28 कर्मचारियों ने लिया भाग
प्रयागराज । उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल द्वारा रेल संचालन में संरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने तथा कर्मचारियों को संरक्षा संबंधी नियमों एवं सावधानियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 05 नवंबर को प्रयागराज छिवकी लॉबी में संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया। वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यू.सी. शुक्ला के निर्देशन में आयोजित इस सेमिनार में सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी अरुण कुमार उपस्थित रहे। सेमिनार में रनिंग कर्मचारियों सहित परिचालन विभाग के लगभग 28 कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
सेमिनार के दौरान रेल संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण संरक्षा विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें प्रमुख रूप से सिग्नल पास्ड एट डेंजर (SPAD) के कारण एवं उससे बचाव के उपाय, शंटिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां एवं शंटिंग का नियंत्रण, कोहरे के दौरान गाड़ियों का संरक्षित संचालन तथा गाड़ी संचालन के दौरान जर्क (झटका) लगने की स्थिति में लोको पायलट, गार्ड एवं स्टेशन मास्टर की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को संरक्षा एवं सुरक्षा के निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन करने, समयपालन बनाए रखने तथा किसी भी परिस्थिति में संरक्षा से समझौता नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। सभी कर्मचारियों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रति सजग रहने तथा भारतीय रेल के शून्य दुर्घटना लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर प्रयागराज मंडल से आए संरक्षा सलाहकार चन्द्रिका प्रसाद एवं सुनील चौहान, स्टेशन अधीक्षक प्रयागराज छिवकी कुमार राकेश, वरिष्ठ क्रू कंट्रोलर एस.एन. द्विवेदी तथा मुख्य लोको निरीक्षक रमेश बाबू एवं अमरेश श्रीवास्तव ने उपस्थित कर्मचारियों को संरक्षित रेल संचालन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों पर भी प्रकाश डाला। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में संरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कार्य के दौरान सतर्कता एवं समन्वय को मजबूत करना तथा सुरक्षित एवं समयबद्ध रेल संचालन सुनिश्चित करना रहा।
