लखनऊ,लखनऊ निवासी संजय शर्मा ने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आजाद अधिकार सेना के
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर और राष्ट्रीय महासचिव नूतन ठाकुर के विरुद्ध चुनाव लड़ने की घोषणा की है। शर्मा ने स्पष्ट किया है कि अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर प्रदेश की जिस भी विधानसभा सीट से अपना नामांकन
दाखिल करेंगे, वे उसी सीट से उनके विरुद्ध चुनावी मैदान में उतरने का प्रयास करेंगे। यह निर्णय निर्वाचन संबंधी लागू कानूनों और पात्रता की
शर्तों के अधीन होगा।
संजय शर्मा के अनुसार, उनके चुनाव अभियान का प्रमुख उद्देश्य आजाद अधिकार सेना तथा उसके शीर्ष पदाधिकारियों की राजनीतिक गतिविधियों, सार्वजनिक दावों, संगठनात्मक कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े कार्यों के विभिन्न
पहलुओं को मतदाताओं के सामने तथ्यों और उपलब्ध सार्वजनिक अभिलेखों के आधार पर रखना है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल और उसके पदाधिकारियों का मूल्यांकन केवल उनके बयानों से नहीं, बल्कि उनके
वास्तविक कार्यों, सार्वजनिक आचरण और जवाबदेही के आधार पर होना चाहिए।
इस राजनीतिक चुनौती को और अधिक प्रभावी बनाते हुए संजय शर्मा ने अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर को सार्वजनिक रूप से खुली, मुद्दा आधारित और कैमरे के सामने बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि आजाद अधिकार सेना और
उसके शीर्ष पदाधिकारियों के कार्यों, दावों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता स्वयं दोनों पक्षों को सुनकर
अपना निष्कर्ष निकाल सके।
शर्मा ने कहा कि वे संबंधित दस्तावेजों, सार्वजनिक अभिलेखों और सत्यापन योग्य तथ्यों के साथ बहस के लिए तैयार हैं और अपेक्षा करते हैं कि आजाद अधिकार सेना का शीर्ष नेतृत्व भी सार्वजनिक सवालों का जवाब देने के लिए आगे आए।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में राजनीतिक नेतृत्व को सवालों से बचने के बजाय उनका तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। मेरा उद्देश्य मतदाताओं के सामने सभी संबंधित तथ्यों और पक्षों को रखना है, ताकि वे स्वयं निष्पक्ष मूल्यांकन
कर सकें।”
